जगदलपुर। बस्तर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जगदलपुर केंद्रीय जेल में कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल में बंद बलात्कार के एक आरोपी कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस ताजा घटना के बाद हड़कंप इसलिए मच गया है क्योंकि पिछले महज 10 दिनों के भीतर इस केंद्रीय जेल में बंद यह तीसरे कैदी की मौत है। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि हर मामले में मौत के कारण अलग-अलग हैं, लेकिन इतनी कम अवधि में लगातार हुई तीन मौतों ने जेल के भीतर की व्यवस्थाओं पर उंगलियां उठा दी हैं।
जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, ताजा मामले में मृतक कैदी की पहचान 60 वर्षीय सुदू कश्यप के रूप में हुई है, जो बस्तर जिले के मारडूम थाना क्षेत्र के करेंकोट नयापारा का निवासी था। वह बलात्कार के एक मामले में 28 अक्टूबर 2025 से जगदलपुर केंद्रीय जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। बताया जा रहा है कि अचानक रक्तचाप (बीपी) बढ़ने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। जेल प्रहरियों द्वारा उसे तुरंत डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि इस घटना से पहले पिछले 10 दिनों के भीतर जेल में दो और बंदियों की जान जा चुकी है। इनमें से पहली घटना एक महिला कैदी रयमती बघेल की थी, जो दरभा की रहने वाली थी और अपने ही चाचा की हत्या के आरोप में जेल में बंद थी। रयमती ने कुछ दिनों पहले जेल के बैरक में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं दूसरी घटना नक्सल मामले में बंद 33 वर्षीय कैदी रमेश कुंजाम की थी। रमेश की मौत जेल के बाथरूम में पैर फिसलकर गिरने के कारण हुई थी, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
एक के बाद एक हुई इन तीन मौतों के बाद स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जेल में बंदियों की लगातार जा रही जान को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर लिया गया है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक दंडाधिकारी (Judicial Magistrate) की निगरानी में तफ्तीश शुरू कर दी गई है। जेल प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड्स के गहन विश्लेषण के बाद ही मौतों की वास्तविक और सटीक परिस्थितियों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।
