कवर्धा। जिले के शांत इलाके में दो दिन पहले जो रहस्य एक लापता युवक की तलाश से शुरू हुआ था, उसका अंत नहर किनारे मिली एक खौफनाक बोरी के साथ हुआ। ग्राम बैहरसरी के रहने वाले और गांव में ही कृषि केंद्र चलाने वाले कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत पर पुलिस अभी उनकी तलाश में जुटी ही थी कि ग्राम सौढ़ा के पास सड़क किनारे बने पुल के पास एक लावारिस बोरी ने सनसनी फैला दी। जब पुलिस ने उस बोरी को खोला, तो उसमें लापता कोमल वर्मा की लाश बरामद हुई। शव को देखकर साफ था कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया बेरहम कत्ल था।
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने जब अपनी जांच का दायरा बढ़ाया, तो शक की सुई सीधे गांव के ही एक परिवार पर जाकर टिकी। पुलिस ने संदेह के आधार पर रामस्नेही वर्मा, उसकी पत्नी मंदाकिनी वर्मा और रामस्नेही के छोटे भाई को हिरासत में लिया। शुरुआत में आनाकानी करने के बाद, जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और कड़े तरीके से पूछताछ की, तो तीनों आरोपियों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इस कत्ल के पीछे जो वजह सामने आई, उसने हर किसी को चौंका दिया। पुलिस जांच के अनुसार, मृतक कोमल वर्मा के आरोपी महिला मंदाकिनी के साथ कथित अवैध संबंध थे, जो इस खौफनाक वारदात की मुख्य वजह बने।
इस विवाहेतर संबंध के कारण परिवार में लंबे समय से गहरा तनाव और आए दिन विवाद हो रहा था। इसी कलह और बदनामी से छुटकारा पाने के लिए पति, पत्नी और देवर ने मिलकर कोमल को रास्ते से हटाने की एक खौफनाक साजिश रची। योजना के मुताबिक, तीनों ने मिलकर कोमल की हत्या की और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने शव को एक बोरी में बंद किया और पकड़े जाने के डर से उसे गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर ले जाकर सौढ़ा पुल के पास फेंक दिया।
आरोपियों को लगा था कि इतनी दूर शव फेंकने से वे बच निकलेंगे, लेकिन पुलिस की त्वरित तफ्तीश और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार व वारदात की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने के लिए आगे की पूछताछ कर रही है।
