कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बरसते पानी की वजह से क्षेत्र के नदी-नाले इस समय पूरे उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच, पंडरिया विकासखंड से गुजरने वाली आगर नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने और बहाव बेहद तेज होने के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत और चिंता का माहौल है।
इस खौफनाक मंजर के बीच सबसे ज्यादा परेशान करने वाली तस्वीर यह है कि लोग अपनी जान की परवाह किए बिना इस उफनती नदी को पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वनांचल क्षेत्रों में आवागमन के साधन बेहद सीमित हैं, और राशन, दवाई या अन्य जरूरी कामों के लिए उन्हें हर दिन जिला मुख्यालय या नजदीकी बाजारों का रुख करना पड़ता है। इसी मजबूरी का नतीजा है कि लोग तेज धाराओं के बीच से होकर गुजर रहे हैं, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन की ओर से लगातार मुनादी कराई जा रही है और लोगों से उफनते नदी-नालों से दूर रहने की अपील की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि चेतावनी को नजरअंदाज कर मौत का यह सफर जारी है। नदी का बहाव पल-पल बढ़ रहा है, जिससे किसी के भी बह जाने का खतरा बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि नदी के संवेदनशील घाटों और रास्तों पर सुरक्षा बल तैनात किए जाएं, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और जब तक पानी कम नहीं होता, तब तक वहां कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जनहानि को समय रहते रोका जा सके।
