बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान ने महिला नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मघाती कदम उठा लिया। ग्राम चांटीपाली के रहने वाले किसान कमल ओगरे ने कथित तौर पर रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर शुक्रवार को कीटनाशक खाकर खुदकुशी की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। राहत की बात यह है कि समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ वंदना भेले के मुताबिक, किसान की जान बच गई है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान के बेटे राज ओगरे ने जांच टीम के सामने बयान दर्ज कराते हुए कहा कि शुक्रवार सुबह जब वे महानदी से ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहे थे, तब नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने उन्हें रोका। राज का दावा है कि महिला अधिकारी ने ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में साफ तौर पर 50 हजार रुपये नकद मांगे थे और पैसे न देने पर वाहन को जबरन कसडोल थाने में ले जाकर जब्त कर दिया गया। इसी मानसिक तनाव और डर के चलते उनके पिता ने यह घातक कदम उठाया। इस घटना की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक संदीप साहू तुरंत अस्पताल पहुंचे और मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
दूसरी तरफ, आरोपी महिला नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह झूठ और निराधार बताया है। जांच समिति को सौंपे गए अपने लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा कि रेत परिवहन के खिलाफ की गई यह कार्रवाई पूरी तरह से खनिज और राजस्व विभाग के नियमों के दायरे में थी। उनका दावा है कि उन पर कानूनी कार्रवाई न करने और केस वापस लेने का अनुचित दबाव बनाने के उद्देश्य से यह मनगढ़ंत आरोप मढ़े जा रहे हैं।
मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम को तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्थानीय ट्रैक्टर संघ के संचालकों ने भी कसडोल एसडीएम रामरतन दुबे से मुलाकात कर क्षेत्र में वाहन चालकों को डरा-धमकाकर की जा रही अवैध वसूली की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम रामरतन दुबे ने बताया कि महानदी क्षेत्र से जब्त किए गए ट्रैक्टर की जब्ती सूची, खनिज व राजस्व विभाग के चालान और रसीदों की गहनता से स्क्रूटनी की जा रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया की वैधता जांची जा सके। इसके साथ ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों और पीड़ित किसान के होश में आने पर उनके विस्तृत बयान दर्ज कर मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।
