संघ के संस्थापक पर आपत्तिजनक पोस्ट से हुआ बवाल…NSUI अध्यक्ष की तलाश जारी

NSUI AMBIKAPUR HIMANSHU DR HEDGEWAR RSS
  • संघ संस्थापक स्व डॉ हेडगेवार की माँ पर आपत्ति जनक टिप्पणी का आरोप
  • एन एस यु आई जिलाध्यक्ष द्वारा फेसबुक पर टिप्पणी करने का मामला
  • भाजपाइयो ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई ऍफ़आईआर 

 

अम्बिकापुर

अम्बिकापुर के एन एस यु आई जिला अध्यक्ष हिमांशु जायसवाल द्वारा सोशल साईट फेसबुक में आर एस एस के संस्थापक स्व. केशव बलीराम हेडगेवार की माँ के खिलाफ अपमान जनक पोस्ट किये जाने के पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में मामले की शिकायत की है। गौरतलब है की इस पोस्ट में इतने अशोभनीय शब्द का उपयोग किया गया है जिसे समाचार के माध्यम से बताया नहीं जा सकता..बहरहाल कोतवाली पुलिस ने भाजपाइयो की शिकायत पर आरोपी छात्र नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, कोतवाली थाना प्रभारी के मुताबिक़ शिकायत पर  धारा 153 ख के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश की जा रही है। वही भाजपा ने इस पोस्ट को अशोभनीय बताते हुए इसकी निंदा की है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

एन एस यु आई के जिलाध्यक्ष हिमांशु जायसवाल ने संघ के के संस्थापक क्रांतिकारी स्व.डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के खिलाफ फेसबुक में काफी अपमान जनक पोस्ट किया था इस पोस्ट में हिमांशु ने स्व हेडगेवार की माँ के लिए अशोभनीय शब्दों के प्रयोग किये थे इतना ही नहीं शिकायत के सौंपे गए फेसबुक के स्क्रीन शॉट में छात्र नेता ने आर एस एस की स्थापना उसके नाम और उसके गणवेश पर जो टिप्पणी की है उसको लेकर आने वाले समय में सियासत उबाल मार सकती है,,  हालाकी जानकारी के मुताबिक़ मामला गर्म होता देख हिमांशु ने अपनी वाल से पोस्ट तो हटा दिया लेकिन उसके स्क्रीन शॉट सबूत के तौर पर पुलिस को दिए गए है। वही मामले की त्वरित जाँच करते हुए पुलिस ने दोषी पाए जाने पर हिमांशु के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाशी सरगर्मी से की जा रही है।

 

क्या है धारा 135

धरा 135 ख के तहत प्रावधानो की बात करे तो संविधान के मुताबिक़ इस धारा में राष्ट्रीय अखण्डता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, जो कोई बोले गए शब्दों या लिखे गए शब्दों, संकेतो या द्रश्य रूपों द्वारा अन्यथा ऐसा कोई लांछन लगाएगा या प्रकाशित करेगा की किसी वर्ग के व्यक्ति इस कारण की वे किसी धार्मिक मूल वंशीय भाषाई या प्रादेशिक समूह जाती या समुदाय के सदस्य है विधी द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा नहीं रख सकते या भारत की संप्रभुता व अखण्डता की मर्यादा नहीं रख सकते। धारा में इतने विवरण के तहत आरोपों के घेरे में आने पर यह धारा लगाई जाती है।