रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते 48 घंटे काल बनकर टूटे, जहाँ अलग-अलग जिलों में हुए दर्दनाक हादसों ने सात परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। कहीं सड़कों पर दौड़ती अंधाधुंध रफ्तार ने लोगों को मौत की नींद सुला दिया, तो कहीं घरेलू और व्यावसायिक स्तर पर हुई लापरवाही के कारण करंट ने मासूम जिंदगियों को लील लिया। स्थानीय पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बिजली उपकरणों के इस्तेमाल में बरती जाने वाली लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क हादसों में सबसे अजीब और दर्दनाक घटना गोबरा-नवापारा के ग्राम तोरला में सामने आई। यहाँ का रहने वाला 20 वर्षीय युवक शीतल तारक देर रात करीब 1.30 बजे रायपुर से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान पी जामगांव धरमकांटा मोड़ के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क किनारे बने एक गहरे दलदली गड्ढे में जा गिरा। हादसा इतना दुर्भाग्यपूर्ण था कि शीतल का सिर दलदल में बुरी तरह फंस गया और दम घुटने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अभनपुर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सड़क किनारे इतना खतरनाक दलदल किस वजह से बना हुआ था।
रफ्तार और बदइंतजामी का यह खूनी खेल यहीं नहीं रुका। बेमता गांव के पास बिलासपुर-रायपुर मेन रोड पर एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बेरला निवासी कैलाश निषाद को जोरदार टक्कर मार दी। कैलाश उस वक्त अपनी मोटरसाइकिल (सीजी 25 एल 6252) से तरपोंगा से अपने घर पंडरभाटा लौट रहा था, लेकिन इस टक्कर ने उसे संभलने का मौका भी नहीं दिया और उसने दम तोड़ दिया। वहीं, रायपुर के भूमिया सांकरा मेन रोड पर सुबह करीब 6 बजे एक और खौफनाक हादसा हुआ, जब बिलासपुर से आ रही 45 वर्षीया लता श्रीवास की दोपहिया गाड़ी के सामने अचानक एक मवेशी आ गया। मवेशी से टकराकर लता सड़क पर गिर गईं और सिर पर गंभीर चोट आने की वजह से उनकी जान चली गई। आरंग इलाके में भी ऐसी ही एक घटना में तेज रफ्तार बाइक सवार सुदेश निषाद सड़क पर बैठे मवेशी से टकरा गए और अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। सड़कों पर आवारा घूमते ये मवेशी लगातार राहगीरों के लिए मौत का जाल बन रहे हैं।
सड़कों के इतर, फैक्ट्रियों और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी मासूमों पर भारी पड़ रही है। बिहार का रहने वाला 25 वर्षीय युवक कुंदन यादव शौर्य इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के पार्किंग एरिया में सो रहा था। रात करीब 2.10 बजे एक बेपरवाह ट्रक ड्राइवर (वाहन क्रमांक सीजी 06 एम 0866) कंपनी के परिसर में दाखिल हुआ और बिना देखे गाड़ी को मोड़ते समय सो रहे कुंदन के ऊपर भारी-भरकम पहिए चढ़ा दिए, जिससे उसकी मौके पर ही कुचलकर मौत हो गई।
इन सड़क हादसों के बीच, करंट की चपेट में आने से हुई दो मौतों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। आरंग के रसनी गांव में रहने वाली 25 वर्षीया रंजना मनहरे की जान एक कूलर की वजह से चली गई। दरअसल, रात में कूलर की मोटर जल जाने के बावजूद रंजना के पति ने प्लग को सॉकेट से बाहर नहीं निकाला था, जिससे शार्ट सर्किट के कारण पूरे लोहे के कूलर में करंट फैल गया। इस बात से अनजान रंजना ने जैसे ही कूलर को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गई। आरंग इलाके में ही एक अन्य घटना में, एक हार्वेस्टर चालक ने अपनी गाड़ी को सीधे बिजली के हाई-टेंशन तारों के नीचे खड़ा कर दिया था। गाड़ी के लोहे के ढांचे में करंट उतर आया था, जिससे बेखबर वहां काम करने वाला 18 वर्षीय युवक भूपेंद्र साहू जैसे ही वाहन के संपर्क में आया, तड़पकर उसकी जान चली गई। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
