रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इंसानों और हाथियों के बीच का संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की देर रात कापू और घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के गांवों में भोजन की तलाश में निकले जंगली हाथियों ने भारी उत्पात मचाया। हाथियों ने रात के अंधेरे में अचानक धावा बोलते हुए छह ग्रामीणों के कच्चे मकानों और झोपड़ियों को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया। गनीमत रही कि हाथियों की आहट मिलते ही ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और भागकर अपनी जान बचाई। वर्तमान में रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडलों में करीब 162 हाथियों की मौजूदगी ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात कापू वन परिक्षेत्र के अलोला और टेड़ासेमर गांवों में दो हाथियों ने जमकर तांडव मचाया। हाथियों ने सबसे पहले अलोला गांव में घुसकर रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए इस हमले से घबराए ग्रामीण शोर मचाते हुए घरों से बाहर निकले और किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। इसके बाद हाथियों का यह रुख टेड़ासेमर गांव की ओर हो गया, जहां उन्होंने दसरिन कोरवा के कच्चे मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी को भी नेस्तनाबूद कर दिया। ग्रामीणों द्वारा काफी देर तक शोर मचाने और मशक्कत करने के बाद आखिरकार हाथी वापस जंगल की ओर लौटे। इसके अलावा, हाथियों के एक अन्य बड़े झुंड द्वारा भी कुछ अन्य मकानों को नुकसान पहुंचाने की खबर है।
इस क्षेत्र में हाथियों की आक्रामकता लगातार बढ़ती जा रही है। ठीक दो दिन पहले, शुक्रवार की शाम अलोला बीट क्षेत्र में मोटरसाइकिल से जा रहे दो ग्रामीणों का सामना अचानक सड़क किनारे खड़े हाथियों से हो गया था। हाथियों को सामने देख बाइक सवारों में हड़कंप मच गया; सुखराम नाम का व्यक्ति तो किसी तरह भागने में सफल रहा, लेकिन राजेंद्र सर्पराज को हाथी ने दौड़ाकर बुरी तरह घायल कर दिया। यही नहीं, घरघोड़ा रेंज के छर्राटांगर गांव (जो कि सांसद राधेश्याम राठिया का पैतृक गांव है) में भी दो हाथियों ने सुबह-सुबह बस्ती में घुसकर जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो इस समय धरमजयगढ़ वन मंडल में 132 और रायगढ़ वन मंडल में 30 हाथी अलग-अलग समूहों में सक्रिय हैं। अकेले धरमजयगढ़ में मौजूद 126 हाथियों के कुनबे में 35 नर, 66 मादा और 25 शावक शामिल हैं, जिनमें से सबसे बड़ा 18 हाथियों का झुंड लैलूंगा रेंज के मुकडेगा बीट में डेरा डाले हुए है। वन विभाग का अमला लगातार प्रभावित गांवों में गश्त कर रहा है और लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा जंगलों की ओर न जाने की हिदायत दे रहा है।
