सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला मुख्यालय से सटे दर्जनों गांवों में पिछले दो दिनों से बिजली की भारी आंख-मिचौली ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला शनिवार को भी बदस्तूर जारी रहा, जिससे पूरा इलाका भीषण गर्मी और उमस से तड़प उठा है। आलम यह है कि शनिवार सुबह से ही बिजली पूरी तरह गुल है, जिसने विद्युत विभाग के ‘दुरुस्त व्यवस्था’ के दावों की पोल खोलकर रख दी है। लगातार हो रही इस कटौती के कारण क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है।
विद्युत विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इलाके में हल्की सी हवा चलने या मामूली बूंदाबांदी होने पर भी घंटों के लिए बिजली बंद कर दी जाती है। शनिवार को भी मौसम का बहाना बनाकर विभाग ने सप्लाई ठप रखी, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी से लेकर रोजमर्रा के कामों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अघोषित बिजली कटौती की सबसे गाज स्थानीय व्यवसाय पर गिरी है। दुकानदारों का काम ठप पड़ा है और इंटरनेट व ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर रहने वाले केंद्र पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
भीषण गर्मी के इस मौसम में एक तरफ जहां लोग पसीने से तर-बतर हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग अपनी लचर व्यवस्था को सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते इन गांवों में अब विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश पनप रहा है। यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति को नियमित और दुरुस्त नहीं किया गया, तो ग्रामीणों द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है।
