रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन तलाश’ को उस समय एक बड़ी सफलता मिली, जब लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात गौवंश तस्कर रब्बुल खान ने पुलिसिया दबाव के आगे झुकते हुए आत्मसमर्पण कर दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ का असर अब अपराधियों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस सख्त अभियान के चलते न केवल सटोरियों बल्कि अब गौवंश तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधी भी अपना अवैध काम छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जता रहे हैं।
रब्बुल खान की गिरफ्तारी की पटकथा तब लिखी गई थी जब पुलिस ने ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत फरवरी माह में लैलूंगा पुलिस की मदद से उसके एक प्रमुख साथी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचाया था। इस कार्रवाई के बाद से ही रब्बुल खान पुलिस की राडार पर था और उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
अंततः, पुलिस के बढ़ते शिकंजे और घरघोड़ा बस स्टैंड के पास हुई दबिश के बाद आरोपी ने कानून के सामने समर्पण कर दिया। पुलिस की इस आक्रामक और प्रभावी रणनीति ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है, जिसका परिणाम यह है कि अब अवैध गतिविधियों में लिप्त लोग स्वेच्छा से अपराध का रास्ता छोड़कर कानून के दायरे में वापस लौट रहे हैं।
