रायपुर। छत्तीसगढ़ की सीमा पर वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को दो बाघों की खाल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के सीधे मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर मंगलवार को अंजाम दी गई इस बड़ी कार्रवाई ने राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को एक बार फिर साबित कर दिया है। खुफिया सूचना के आधार पर पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल के बांदे परिक्षेत्र में बिछाए गए जाल में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से मोटरसाइकिल पर आ रहे तस्कर पूरी तरह घिर गए और वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
इस बड़ी कामयाबी के बाद राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप ने बुधवार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल और इसकी जैव विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि सरकार वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र को और मजबूत कर रही है ताकि ऐसे किसी भी संगठित तस्करी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि वन विभाग की विशेष टीमें इस अवैध व्यापार से जुड़े अन्य चेहरों और अंतरराज्यीय कड़ियों को बेनकाब करने के लिए लगातार छापेमारी और गहन जांच में जुटी हुई हैं।
