धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का खूनी खेल देखने को मिला है। कुरुद-मगरलोड मार्ग पर रेत से भरी एक बेकाबू अज्ञात हाईवा ने बाइक सवार दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में बाइक चला रहे बिल्डिंग ठेकेदार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा मिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुखद घटना के बाद उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब सूचना देने के बाद भी आपातकालीन सेवा ‘108’ एम्बुलेंस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची। प्रशासन की इस लापरवाही से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने न सिर्फ शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया, बल्कि मौके पर बुलाई गई एक निजी एम्बुलेंस में जमकर तोड़फोड़ भी की। इस दौरान बीच-बचाव करने उतरी पुलिस और एम्बुलेंस चालक के साथ भी उग्र भीड़ ने मारपीट शुरू कर दी, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा आठ जून की रात करीब आठ बजे ग्राम उमरदा के गोठान के पास हुआ। धमतरी से अपना काम निपटाकर 35 वर्षीय बिल्डिंग ठेकेदार लीलाराम साहू (पिता दुखुराम साहू) और उनके साथ काम करने वाले 30 वर्षीय मिस्त्री गिरेंद्र यादव (पिता जहुर राम यादव) बाइक से अपने गृह ग्राम भैंसमुंडी-मगरलोड लौट रहे थे। इसी दौरान मेघा की ओर से कुरूद की तरफ आ रही रेत से लदी एक अज्ञात हाईवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाईवा ठेकेदार लीलाराम साहू को रौंदते हुए आगे निकल गया, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए घायल मिस्त्री गिरेंद्र को तत्काल एक निजी कार से सिविल अस्पताल कुरूद भिजवाया, लेकिन मृत ठेकेदार के शव को उठाने से साफ इनकार कर दिया।
घटनास्थल पर बिगड़ते माहौल को देखकर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद कुरूद थाना प्रभारी अवधराम साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल कुरूद से ‘वन्देमातरम परिवार’ की एक निजी एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया। हालांकि, एम्बुलेंस को देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने वाहन पर हमला कर दिया। जब एम्बुलेंस चालक राधेश्याम साहू और पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ उनके साथ भी झूमाझटकी और मारपीट पर उतारू हो गई। इस हिंसक झड़प में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सुरेश नंद और एम्बुलेंस चालक राधेश्याम साहू को गंभीर चोटें आईं। बिगड़ते हालात के बीच थाना प्रभारी की सूचना पर एसडीएम नभसिंह कोसले, तहसीलदार सूरज सिंह बंछोर और बीएमओ हेमराज देवांगन सहित भारी प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, लेकिन मुआवजे और सुरक्षा की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी।
सड़क पर जारी इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और चक्काजाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल को पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होता देख मगरलोड, करेलीबड़ी और बिरेझर चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तलब किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद, रात करीब साढ़े 10 बजे प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को राजी हुए। इसके बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेजा जा सका। वर्तमान में क्षेत्र में शांति है, लेकिन पुलिस ने इस उपद्रव को बेहद गंभीरता से लिया है। थाना प्रभारी अवधराम साहू ने स्पष्ट किया है कि घायल एम्बुलेंस चालक की रिपोर्ट पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की कड़ाई से पतासाजी की जा रही है।
