रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक सरगर्मी को बढ़ाते हुए आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक होने जा रही है। मंगलवार सुबह 11 बजे मंत्रालय (महानदी भवन) में जुटने जा रहे राज्य मंत्रिपरिषद के इस मंथन पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग को लेकर सभी विभागों ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है और माना जा रहा है कि सरकार आज कुछ ऐसे बड़े फैसले ले सकती है, जो सीधे जनता से जुड़े हैं।
इस बैठक के केंद्र में सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा प्रदेश के अन्नदाताओं यानी किसानों का रहने वाला है। आगामी खरीफ सीजन के मुहाने पर खड़े छत्तीसगढ़ में किसानों को किसी भी तरह की किल्लत न हो, इसके लिए खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता की जमीनी स्तर पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री खुद इस बात की निगरानी कर रहे हैं कि मानसून की दस्तक से पहले सोसायटियों और बाजारों में जरूरी कृषि संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहे, ताकि खेती-किसानी के सीजन में किसानों को लंबी लाइनों या कालाबाजारी से न जूझना पड़े।
खेती-किसानी के इस बड़े एजेंडे के अलावा, साय कैबिनेट के पिटारे से विकास कार्यों को रफ्तार देने वाले कई और बड़े नीतिगत फैसले बाहर आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो बुनियादी ढांचे के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं की रीच (पहुंच) बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को आज मंजूरी मिल सकती है। कुल मिलाकर, आज की यह बैठक राज्य के ग्रामीण अर्थतंत्र और प्रशासनिक सुधारों की दिशा बदलने वाली साबित हो सकती है।
