रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अपनी करवट बदल ली है, जिससे प्रदेशवासियों को तपिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव की आधिकारिक चेतावनी जारी की है। इस दौरान राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वर्तमान में प्रदेश के कई शहरों में पारा आसमान छू रहा है, जहां दुर्ग में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म दर्ज किया गया, वहीं राजनांदगांव में 42.5 डिग्री और रायपुर में 41.8 डिग्री सेल्सियस की तपिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी, जिससे उमस और लू से राहत मिलेगी। मौसम में आए इस अचानक बदलाव का मुख्य कारण दक्षिण-पूर्वी दिशा में सक्रिय एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ और उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक फैली एक ट्रफ लाइन है, जो सीधे छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही है।विशेषज्ञों के अनुसार, इस सिस्टम के सक्रिय होने से कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। विशेषकर खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और राहगीरों को सलाह दी गई है कि मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। यह बदलाव न केवल तापमान को नियंत्रित करेगा, बल्कि शुष्क हो चुके वातावरण में नमी लेकर आएगा, जिससे आने वाले कुछ दिन छत्तीसगढ़ के लिए राहत भरे साबित होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सिस्टम के सक्रिय होने से कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। विशेषकर खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और राहगीरों को सलाह दी गई है कि मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। यह बदलाव न केवल तापमान को नियंत्रित करेगा, बल्कि शुष्क हो चुके वातावरण में नमी लेकर आएगा, जिससे आने वाले कुछ दिन छत्तीसगढ़ के लिए राहत भरे साबित होंगे।
