सूरजपुर। विकास के नाम पर सरकारी पैसों की बंदरबांट और भ्रष्टाचार का एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर ब्लॉक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई जा रही सड़क पहली ही बारिश या गाड़ियों का दबाव झेलना तो दूर, ग्रामीणों के हाथ लगाते ही ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है। पोड़ी चौक से मांजा चौक तक बन रही इस सड़क की बदहाली को देखकर साफ पता चल रहा है कि यहाँ सिर्फ और सिर्फ घटिया निर्माण का खेल खेला गया है।
इस घटिया निर्माण से आक्रोशित ग्रामीणों ने जब सड़क की गुणवत्ता जांची, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। ग्रामीणों ने अपने हाथों से सड़क की गिट्टियों और डामर को उखाड़कर कैमरे के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का सीधा और गंभीर आरोप है कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी ने डामर की मात्रा में भारी कटौती की है और सड़क को काला दिखाने के लिए उसमें डामर की जगह जला हुआ मोबिल ऑयल (जला हुआ इंजन ऑयल) मिला दिया है। सरकारी नियमों और मापदंडों की धज्जियां उड़ाकर बनाई जा रही यह सड़क जनता के साथ एक भद्दा मजाक है।
इस महाभ्रष्टाचार को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर इस घटिया निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनता के टैक्स के गाढ़े पसीने की कमाई को इस तरह ठेकेदारों की जेब में नहीं भरने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर इस घटिया निर्माण पर तुरंत रोक लगाकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे एक बड़ा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सड़क के नाम पर बिछाई गई यह ‘काली चादर’ पहली ही नजर में घटिया निर्माण की गवाही दे रही है। सवाल यह उठता है कि जब जनता के टैक्स के पैसे से जनता के लिए ही सुविधाएं बनाई जा रही हैं, तो विभागीय अधिकारी आंखें मूंदकर क्यों बैठे हैं? ऐसे घटिया निर्माण पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार की इस सड़क पर चलने से पहले ही इस पर लगाम कसी जा सके।
