बलरामपुर..हंसपुर मामले में जेल निरुद्ध तत्कालीन कुसमी एसडीएम करुण डहरिया के साथी अजय सिंह, मंजीत यादव ,संजीत यादव की परेशानिया बढ़ गई है..प्रकरण में एक्ट्रोसिटी एक्ट की धाराएं जुड़ने के बाद अब प्रकरण की सुनवाई स्पेशल एडिशनल सेशन कोर्ट रामानुजगंज में होगी..
पिछले हफ्ते ही पुलिस ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट राजपुर में रिमांड अवधि खत्म होने के बाद मामले की चार्जशीट पेश की थी..
15 फरवरी 2026 को कोरन्धा थाना क्षेत्र के हंसपुर के एक बॉक्साइड खदान में घटी एक घटना ने पूरी प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था..मामले में कुसमी के तत्कालीन एसडीएम व राज्य प्रशासनिक सेवा के 2019 बैच के अधिकारी करुण डहरिया सहित कुसमी निवासी अजय सिंह ,मंजीत यादव ,संजीत यादव को पुलिस ने आरोपी बनाया था..और चारों की गिरफ्तारियां भी की थी..जिसके बाद जेएमएफसी कोर्ट राजपुर के निर्देश के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी करुण डहरिया का जेल बदला गया था..और उन्हें सेंट्रल जेल अंबिकापुर शिफ्ट किया गया था..जबकि शेष तीन आरोपितो को जिला जेल रामानुजगंज में निरुद्ध किया गया था..
बता दे की 15 फरवरी की देर शाम कथित तौर पर बॉक्साइड का अवैध परिवहन होने की सूचना पर तत्कालीन कुसमी एसडीएम रहे करुण डहरिया अपने अन्य साथियों के साथ हंसपुर गांव पहुंचे थे..और संदिग्ध परिस्थितियों में एक 62 वर्षीय ग्रामीण रामनरेश की मौत हो गई थी..जबकि एक अन्य ग्रामीण युवक को घायल अवस्था में कुसमी के सरकारी अस्पताल भर्ती कराया गया था..इस पूरे मामले में आदिवासी समाज ने तत्कालीन एसडीएम के द्वारा दोनों ग्रामीणों से मारपीट आरोप लगाते हुए प्रदर्शन भी किया था..पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ,पूर्व विधायक प्रीतम राम सहित कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने भी गांव का दौरा किया था..और कार्यवाही की मांग भी की थी..
प्रकरण में पुलिस ने 200 पन्नों का चार्जशीट जेएमएफसी कोर्ट में पेश किया था..जिसके बाद मामले को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये थे..इससे पहले पुलिस रिमांड लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही थी..वही घटनास्थल पर आरोपियों को ले जाया गया था..इस दौरान स्थानीय लोगों ने काफी हंगामा भी किया था!.
