अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के व्यस्ततम ब्रह्मरोड इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दो बेकाबू कुत्तों की वजह से एक व्यवसायी दंपती को करीब डेढ़ घंटे तक अपनी ही दुकान के भीतर बंधक बनकर रहना पड़ा। इस अनोखी और डरावनी घटना ने शहर में लावारिस और स्वच्छंद घूमते पालतू जानवरों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह वाकया ब्रह्मरोड निवासी 57 वर्षीय व्यवसायी उमेश अग्रवाल की ‘भवानी डिस्पोजल हाउस’ नामक दुकान का है। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे जब उमेश अपनी पत्नी बबीता अग्रवाल के साथ दुकान पर मौजूद थे, तभी अचानक कहीं से एक नर और एक मादा कुत्ता भीतर घुस आए। दोनों के गले में लाल रंग का पट्टा बंधा हुआ था, जिससे साफ था कि वे किसी के पालतू कुत्ते हैं। जब दंपती ने उन्हें सामान्य रूप से भगाने की कोशिश की, तो दोनों कुत्ते अचानक बेहद आक्रामक हो गए और गुर्राने लगे। कुत्तों का यह हिंसक रूप देखकर दंपती बुरी तरह डर गए।
दुकान के काउंटर पर बैठीं बबीता अग्रवाल ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपनी रिवाल्विंग चेयर को आगे अड़ा दिया, ताकि कुत्ते उन पर हमला न कर सकें। बाहर निकलने का कोई रास्ता न देख, दोनों खुद को बचाने के लिए दुकान के भीतर ही एक कोने में दुबक गए। इस खौफ के साए में वे करीब डेढ़ घंटे तक कैद रहे। इस दौरान न तो वे दुकान से बाहर आ पाए और न ही किसी ग्राहक को सामान बेच सके।
आखिरकार, जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो व्यवसायी उमेश अग्रवाल ने हिम्मत जुटाकर फोन के जरिए डॉग कैचर्स (कुत्ता पकड़ने वाली टीम) को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों कुत्तों को काबू में कर वहां से बाहर निकाला। तब जाकर इस डरे-सहमे दंपती को राहत मिली और उन्होंने चैन की सांस ली।
रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बाद में बताया कि ये दोनों कुत्ते सुबह से ही इलाके में आतंक मचा रहे थे और इससे पहले भी दो-तीन अन्य दुकानों में घुस चुके थे। उन दुकानदारों ने भी टीम को फोन कर शिकायत की थी। फिलहाल इन हमलावर कुत्तों के मालिक का पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
