यमराज बनकर दौड़ रहे ट्रेलर…हादसों पर मौन प्रशासन

ट्रक को ठोकर मार ट्रेलर घुसा घर में, बाल-बाल बची महिला

अम्बिकापुर

मंगलवार की सुबह बिलासपुर मार्ग में कोयला लेकर आ रहा ट्रेलर वाहन एक ट्रक को ठोकर मारते हुये ग्राम लोधिमा स्थित एक घर में घुस गया। इस घटना में उस घर की महिला बाल-बाल बच गई। तेज रफ्तार में घर में घुसे ट्रेलर वाहन को निकालने एक घंटे तक मशक्कत करना पड़ा। इस बीच इस घटना को लेकर वहां विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। आसपास के लोगों की भारी भीड़ को किसी तरह पुलिस ने समझाया। लोग घर के क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजा के लिये अड़े हुये थे। अंत में वाहन मालिक ने तत्कालिक रूप से 6 हजार रूपये घर मालिक को प्रदान किये। पुलिस मामले में अपराध दर्ज करने की तैयारी में है।

जानकारी के अनुसार आज सुबह ट्रेलर वाहन लखनपुर की ओर से कोयला लेकर आ रहा था। ग्राम लोधिमा तालाब के पास अम्बिकापुर से भिलाई की ओर जा रही ट्रक को ट्रेलर चालक ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुये ठोकर मार दी और सड़क किनारे स्थित जवाहर एक्का पिता जयमंगल एक्का के घर में जा घुसा। इस दौरान जवाहर एक्का की पत्नी करमातो बाई जो घर के बाहर खड़ी हुई थी वह बाल-बाल बच गई। ट्रेलर के घर में घुस जाने से घर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद वहां विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। आसपास के लोग मुआवजे की मांग पर अड़े हुये थे। ट्रेलर मालिक द्वारा अंत में मकान मालिक को मुआवजे के तौर पर 6 हजार रूपये प्रदान किया गया। पुलिस ने विवाद को शांत कराते हुये लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद ट्रेलर को घर से बाहर निकलवाया।

गौरतलब है कि बिलासपुर मार्ग में कोयला लोड करके आवागमन कर रहे ट्रेलर वाहन अब लोगों के लिये यमराज बन चुकी है। आये दिन कोई न कोई घटना-दुर्घटना इस मार्ग पर ट्रेलर वाहन चालकों की लापरवाही से घट रही है। कई लोगों की मौत हो जाने के बाद भी अभी तक इन ट्रेलर वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगाया जा सका है।

शहर की सडको में दहशत

घनी आबादी के बीच बेख़ौफ़ दौड़ रहे ट्रेलरो से इन रास्तो पर चलने वालो में दहशत बनी रहती है, इन ट्रेलरो की आवाज और रफ़्तार इतनी अधिक होती है की बगल गुजर जाने पर भी इंसान अचंभित हो जाता है, रिंग रोड नमनाकला होते हुए गांधी चौक बनारस चौक से गुजरते है  ये ट्रेलर और अब यह क्षेत्र अम्बिकापुर का बाईपास नही रह गया बल्कि घनी आबादी बस चुकी है, जिससे आए दिन बेवजह लोगो की जाने जाती है, इस समस्सया से निजात के लिए कार्ययोजना तो बनाई गई लेकिन अब तक ठन्डे बस्ते में पडी हुई है,