प्राचार्य की प्रताड़ना बनी भृत्य के आत्महत्या का कारण

परजिनोें ने लगाया आरोप , न्यायिक जांच की मांग

अम्बिकापुर (दीपक सराठे की रिपोर्ट)

 

तीन अगस्त को उदयपुर में स्कूल के भृत्य द्वारा आत्म हत्या कर लेने के मामले में उसके चाचा -चाची व बहनो ने न्यायिक जांच की मांग की है। परिजनों ने उदयपुर शासकीय विद्यालय के प्राचार्य पर भृत्य का माह के वेतन रोकने व उसे चोरी के झूठे आरोप में फसाने के साथ -साथ उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता था । इस कारण से भृत्य ने आत्म हत्या कर ली थी । परिजनो ने सरगुजा कलेक्टर को 21 सितंबर को इस सबंध में ज्ञापन सौंप आजाक थाने मे भी शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की ।

परिजनो के मुताबिक उदयपुर शासकीय विद्यालय में दान कुमार मिंज 2014 से भृत्य के पद पर कार्यरत था । 25 वर्षीय भृत्य की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी । उसकी मां का देहांत होने के बाद उसके चाचा – चाची व दो बहनें अभिभावक के रूप में है। 3 अगस्त को स्कूल के सामने ही कमरे में दान कुमार द्वारा आत्म हत्या कर लेने के मामले को लेकर परिजन चाचा गोपाल मिंज , राजू मिंज , चाची इग्नेशिया व हिरामनि सहित दो बहन महिमा व अशोती ने सौंपे ज्ञापन में संस्था के प्राचार्य आर.एस. सिंह पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिजनो ने बताया कि दान कुमार मिंज ( भृत्य ) जो कि किराये के मकान उदयपुर में रह कर अपने कर्तव्य पर हमेेशा उपस्थित रहता था बिना कारण प्राचार्य द्वारा उसका कइ्र्र माह का वेतन रोक दिया जाता था । क्याकिं वह प्रतिमाह प्राचार्य को रिश्वत बतौर रूपए नहीं दे पाता था । हमें संस्था यह जानकारी मिली है कि उसे उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने एवं रूपयें की मांग को लेकर हमेशा परेशान किया गया है। जिससे वह काफी दुखी था । जिसकी पुष्टी संस्था में जाकर मौखिक बयान व अभिलेख के आधार पर की जा सकती है।

स्थानीय सूत्रो के मुताबिक कुछ महीने पहले संस्था में कुछ बर्तन चोरी हुए थे , जिसका झूठा आरोप प्रचार्य द्वारा मृतक श्री मिंज पर लगाया गया और नया बर्तन क्रय कराया गया , जबकि बाद में वो सारें बर्तन संस्था में ही पाये गये , जिसकी पुष्टि संस्था मे जाकर व अन्य भृत्यों से पूछकर की जा सकती है, जिससे वह मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताडि़त हुआ । संस्थागत स्थानीय लोगो से जानकारी लेने पर पता चला कि प्राचार्य द्वारा उससे अपमानित व अभद्र व्यवहार किया जाता था , और हमेंशा किसी ना किसी बहाने पैसे की मांग की जाती थी । और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता था , जिससे वह बहुत परेशान था उसे कोई भी ऐसी परेशानी नहीं थी िकवह आत्म हत्या करता । हम सब परिवार वाले की जानकारी के अनुसार दान कुमार मिंज की शादी नहीं हुई थी , वह अकेेले किराये के मकान में रह कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उदयपुर में भृत्य पद पर ड्यूटी करता था । मृत्यु उपरांत उसकी एक्सग्रेसिया की राशि किसे दिया गया , हमे बताया नहीं गया और किसी अन्य औरत को उसकी पत्नी बताकर राशि का भुगतान कर दिया गया । कृपया सेवा पुस्तिका की जांच की जावें की उसके उत्तराधिकारी में जिसका नाम अंकित है। परिजनोे ने कलेक्टर से प्राचार्य पर न्यायिक जांच की मांग की है।
गायब हो गया हाजरी रजिस्टर
परिजनो के अनुसार उन्हें सूत्रो से यह जानकारी मिली है कि भृत्य दान कुमार मिंज की मौत के बाद विद्यालय से हाजरी रजिस्टर भी गायब हो गया । इस अनुसार भृत्य की हाजरी सबंधित रिकार्ड भी अब शायद ही मिल सकेगा । परिजनो ने प्राचार्य पर ही इस घाल मेल का आरोप लगाया है। भृत्य की मौत के बाद उसकी पेंसन की राशि उसकी उतराधिकारी से छुपाकर किसी अन्य औरत जो अपने को भृत्य की पत्नी होने का दावा कर रही है। उसकोे देने की योजना बनाई जा रही है। परिजनो के अनुसार दान कुमार की अभी तक शादी ही नही हुई थी ।
पूर्व मे भी हुई थी शिकायत
सूत्रों के अनुसार उदयपुर शासकीय विद्यालय के प्राचार्य आर.एस. सिंह की मनमानी के खिलाफ वहां के शिक्षक , भृत्य व क्र्लक मिलकर लगभग 23 कर्मचारी ने हस्ताक्षर कर 20 बिन्दुओं पर कलेक्टर से शिकायत की थी । कलेक्टर द्वारा जांच के आदेश के बाद हुई जांच में प्राचार्य के विरूद्ध कर्मचारियो का वेतन रोकने व वेतन देने के समय कमीशन लेने जैसेे कई शिकायतो की पुष्टी हुई थी । अनेको शिकायतों मे मामला सही पाये जाने पर सात माह के लिए उन्हें विद्यालय से पृथक किया गया था । उसके बाद फिर से उन्हे उसी विद्यालय में भेज दिया गया । मृतक दान कुमार द्वारा मौत से पूर्व अपने परिजनो को यहीं बात बतायी गई थी कि उसका वेतन प्राचार्य द्वारा कई माह से रोक दिया गया है। और कई प्रकार से उसे प्रताडि़त किया जा रहा है।