कोरिया जिले के जंगलो में मिले शेर के पंजे के निशान..!

वल्र्ड वाइल्ड लाइफ डे पर

टाईगर रिजर्व की घोषणा होते ही मिले शेर के पंजो के निशान

जंगल के राजा की आमद से विभाग गदगद

बैकुंठपुर

कोरिया जिले स्थित गुरूघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रामगढ परिक्षेत्र स्थित जमशोद नाला, पार्क के चुलादर बीट के कर्मचारी शेर के पंजे के निशान लेने जुटे है, बताया गया है कि 25 फरवरी 2017 की बरकुंड मोहाढा के समीप धारीदार शेर यही से होकर दूसरी ओर गया है, स्थल का जीपीएस मशीन से अक्षांश और दक्षांश नापा गया और पंजे के निशान से स्पष्ट हो गया कि जंगल के राजा की चहलकदमी जारी है।

इस संबंध में वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं फील्ड डायरेक्टर (एलीफेंट रिजर्व) केके बिसेन का कहना है कि बहुत जल्द ही ये पार्क टाईगर रिजर्व में रूप में आने को तैयार है, इसके लिए हर तरह की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, बहुत जल्द केन्द्र सरकार द्वारा इसे टाईगर रिजर्व घोषित किया जाना है। इससे हाथियों और मानव के बीच द्वंद को भी रोका जा सकेगा

मिली जानकारी के अनुसार कोरिया जिले मेे स्थित गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ वन्य जीवों के लिए अब सबसे सुरक्षित आरामगाह बनने के लिए तैयार हैं, अभी तक यहां स्थित 35 गांव के ग्रामीणों ने स्वयं यहां से हटने के लिए ना सिर्फ तैयार है बल्कि सभी ने एक राय से जगह भी तलाश कर ली। इसके लिए ग्रामीणों ने कोटाडोल और जनकपुर के बीच जगह का चयन कर लिया है, जिसे विभागीय अधिकारियों ने भी सहमति प्रदान कर दी है।

26 प्रकार के है जीव जन्तु

पार्क क्षेत्र में कई शेर शेरनी के अलावा तेंदुआ, चीतल, सांभर, कुटरी, चैरसिंगा, नीेलगाय, गौर, जंगली सुअर, चिंकारा, माउस डियर, भालू, जंगली बिल्ली, सियार, लोमडी, पैगोलिन, स्याही, पाम सिवेट, छोटा सिवेट, बुश रेट, काले बंदर, लाल बंदर, जंगली गिल्हरी, के साथ दुर्लभ उदबिलाव, कवर बिज्जू, ट्री शिओ भी यहां मौजूद है। इसके अलावा जंगली हाथियों का झुंड का आना जाना लगा रहता है।