जांजगीर चांपा । जिले के एक प्रतिष्ठित न्यूज़पेपर में कार्यरत पत्रकार की बाइक चोरी हो चुकी है चोरी की घटना को हुए 38 दिन बीत चुके हैं इसके बावजूद पुलिस के हाथ खाली है जिसके कारण जांजगीर सिटी कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं पत्रकार द्वारा घटना की रिपोर्ट सिटी कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी है।
इस संबंध में सिटी कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिले के हरिभूमि प्रेस कार्यालय में कार्यरत सीनियर रिपोर्टर की बाइक चोरी गुरुवार 26 मार्च रात 8:00 बजे की करीब हुई है जो आसपास के सीसीटीवी फुटेज में कैद भी हो चुकी है इस बात की सूचना हरिभूमि रिपोर्टर द्वारा सिटी कोतवाली पुलिस जांजगीर को शुक्रवार 27 मार्च को दी जा चुकी है। खास बात यह है कि बाइक चोरी की घटना को हुए 38 दिन बीत चुके हैं इसके बावजूद सिटी कोतवाली पुलिस हवा में हाथ पैर मार रही है जिससे उनके कार्य शैली पर ही अब सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद रिपोर्टर द्वारा आसपास के लोगों से बाइक चोरी को लेकर पूछताछ भी की गई साथ ही इसकी रिपोर्ट जांजगीर पुलिस को दी जा चुकी है रोज की तरह गुरुवार 26 मार्च शाम 6:00 बजे के करीब हरिभूमि रिपोर्टर अपनी ड्यूटी करने के लिए कार्यालय परिसर के सामने बाइक को रखकर चला गया इस दौरान कार्य निपटने के बाद जब वह रात 9:45 बजे वापस आया तो उनकी बाइक स्प्लेंडर प्लस सीजी 11ch 5442 गायब मिली आसपास के लोगों से पूछताछ करने के बाद शुक्रवार को घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन घटना को बीते 38 दिन हो चुके हैं लेकिन बाइक का पता नहीं चल सका है।
तत्कालीन पुलिस कप्तान के आदेश का पालन नहीं जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे द्वारा हरिभूमि पत्रकार की बाइक चोरी मामले को लेकर गंभीरता से लिया गया था साथ ही साथ इस घटना को लेकर सिटी कोतवाली पुलिस जांजगीर को सख्त निर्देश दिए गए थे लेकिन उनके प्रशिक्षण कार्य को लेकर हैदराबाद जाने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा इस मामले को लेकर किसी भी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई गई और नहीं बाइक चोरी की घटना को लेकर ध्यान दिया गया जिससे सिटी कोतवाली पुलिस की कार्य शैली पर सवाल उठने लगे हैं खास बात यह है कि पुलिस कप्तान द्वारा बाइक चोरी की घटना को लेकर मार्क भी जारी किया गया था।
इसके अलावा सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा बाइक चोरी की घटना की जांच करना तो दूर की बात आसपास के लोगों से बाइक चोरी को लेकर पूछताछ करना भी जरूरी नहीं समझा इसके कारण उनकी कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं।
