जांजगीर-चांपा। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह एक वायरल ऑडियो के चलते गंभीर संकट में घिर गए हैं। आरोप है कि कार्यपालन अभियंता ने अपने ही विभाग के वाहन चालक से वेतन भुगतान को लेकर गाली-गलौज, मारने की धमकी और दंतेवाड़ा स्थानांतरण कराने की धमकी दी। यही नहीं, बातचीत के दौरान कलेक्टर एवं एसडीएम अकलतरा के खिलाफ भी आपत्तिजनक व अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शंशाक सिंह के खिलाफ चल रही जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जांच अधिकारी अपर कलेक्टर ने अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है, जिसमें कार्यपालन अभियंता की स्पष्ट गलती प्रमाणित पाई गई है।
जांच के दौरान कलेक्टर, एसडीएम, वाहन चालक एवं अन्य संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए। इन्हीं बयानों के आधार पर जांच अधिकारी के समक्ष शंशाक सिंह ने स्वयं अपनी गलती स्वीकार की। रिपोर्ट में उल्लेख है कि कार्यपालन अभियंता द्वारा कलेक्टर एसडीएम एवं वाहन चालक को अनुचित एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जो शासकीय सेवा आचरण के लिए सही नहीं है। दूसरा जानबूझकर वाहन चालक का 5 महीने का वेतन रोक कर रखा। जो स्वयं ऑडियो में स्वीकार भी किया है।
जांच अधिकारी ने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि शासकीय विभाग में अधिकारी द्वारा इस प्रकार का कदाचार किए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम (या संबंधित राज्य/केंद्र नियम) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य है। इसके अंतर्गत निलंबन,स्थानांतरण,वेतन वृद्धि रोकना,
पदावनति,और गंभीर मामलों में एफआईआर तक दर्ज की जा सकती है।
ऑडियो वायरल होते ही हड़कंप…
जैसे ही यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांजगीर-चांपा कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। इसके बाद यह मामला और तूल पकड़ता चला गया।
जांच में सामने आई सच्चाई…
कलेक्टर के निर्देश पर नियुक्त जांच अधिकारी ने सभी पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान सामने आया कि कार्यपालन अभियंता का आचरण शासकीय सेवा नियमों के विपरीत है। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी ने अपना जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया, जिसे आगे जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। जांच में स्पष्ट पाया गया कि जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ने अपने से उच्च अधिकारी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया एवं अपने विभाग के वाहन चालक का जानबूझकर पांच महीने की सैलरी को रोक कर रखा।
बड़ी कार्रवाई के संकेत….
सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में कार्यपालन अभियंता की गंभीर गलती पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
जिला प्रशासन का सख्त संदेश…
यह मामला साफ संकेत देता है कि सरकारी पद पर बैठकर अमर्यादित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि दोषी अधिकारी पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होती है।
