सूरजपुर। जिले की नवगठित शिवनंदनपुर नगर पंचायत के पहले ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इतिहास रच दिया है। बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठापूर्ण मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी रितेश जायसवाल ने कांग्रेस के संजय सोनी को 362 मतों के अंतर से शिकस्त देकर नगर पंचायत के प्रथम अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल कर लिया है। चुनाव परिणामों की घोषणा होते ही भाजपा खेमे में जश्न का माहौल है और कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों एवं आतिशबाजी के साथ इस ऐतिहासिक जीत का उत्सव मना रहे हैं।
इस हाईप्रोफाइल चुनाव पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई थीं। कांटे की टक्कर में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी रितेश जायसवाल को कुल 2,028 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी संजय सोनी को 1,666 मतों से संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में आम आदमी पार्टी (आप) कोई खास प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही और उसके खाते में महज 215 वोट ही आए। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस नवगठित नगर पंचायत में कुल 4,642 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 3,952 जागरूक नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि अध्यक्ष पद पर भाजपा की एकतरफा जीत के बावजूद, पार्षदों के मुकाबले में कांग्रेस ने बाजी मार ली। नगर पंचायत के कुल 15 वार्डों में से कांग्रेस के 8 प्रत्याशी चुनाव जीतकर पार्षद बनने में सफल रहे, जबकि भाजपा को 7 वार्डों से ही संतोष करना पड़ा। पार्षद बोर्ड में बहुमत न होने के बावजूद, सीधे चुनाव (Direct Election) प्रणाली के चलते अध्यक्ष पद की सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली कुर्सी भाजपा के खाते में चली गई।
जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही सूरजपुर का माहौल पूरी तरह से उत्सव में बदल गया। भाजपा समर्थकों ने जमकर पटाखे फोड़े और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते नजर आए। स्थानीय भाजपा नेताओं ने इस परिणाम को क्षेत्र में विकास की राजनीति और जनता के अटूट विश्वास की जीत बताया है। वहीं, नवनिर्वाचित अध्यक्ष रितेश जायसवाल ने क्षेत्र की जनता का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए संकल्प लिया कि वे शिवनंदनपुर नगर पंचायत के समग्र और समावेशी विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे। पहले ही चुनाव में अध्यक्ष पद जीतकर भाजपा ने शिवनंदनपुर की सत्ता पर अपना परचम तो लहरा दिया है, लेकिन अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि जनता ने जिस उम्मीद और भरोसे के साथ अपना पहला अध्यक्ष चुना है, वह आने वाले समय में विकास की कसौटी पर कितना खरा उतरता है।
