जांजगीर-चांपा। जिले के बोड़सरा शासकीय प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक और शिक्षिका के बीच कथित अश्लील वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा को जांच के आदेश दिए गए
जांच आदेश के बाद डीईओ द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया, जिसने पूरे मामले की प्राथमिक जांच की। जांच रिपोर्ट के आधार पर बोड़सरा में पदस्थ संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से स्कूल से हटाते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नवागढ़ में अटैच कर दिया गया है। तो शिक्षिका को अकलतरा बीईओ कार्यालय अटैच कर दिया गया है। वही दोनों को नोटिस जारी किया गया है कि 25 जून तक डीईओ कार्यालय में आकर अपना जवाब पेश करे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों और वीडियो की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय अभिभावकों ने स्कूल जैसे पवित्र शिक्षण संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल शिक्षा व्यवस्था की छवि को धूमिल करती हैं, बल्कि छात्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की गई है और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मामले को लेकर जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है और सभी की निगाहें अब अंतिम कार्रवाई पर टिकी हैं।
