बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से वनकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठाने वाली एक गंभीर खबर सामने आई है। रामानुजगंज में वन वाटिका के पास मंगलवार सुबह लकड़ी चोरी की पूछताछ करने पर एक दंपत्ति ने फॉरेस्ट गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया। तस्करों ने अपने कंधे पर रखे सागौन के भारी-भरकम लट्ठे से वनकर्मी के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी खोपड़ी (स्कल) की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर आ गया है।
घटना मंगलवार तड़के की है, जब मनोज भुइयां अपनी पत्नी के साथ कंधे पर 4 से 5 फीट लंबा सागौन का लट्ठा ले जा रहा था। वन वाटिका के गेट पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड पिंटू मालाकार की नज़र उन पर पड़ी और उसने लकड़ी के स्रोत को लेकर पूछताछ शुरू कर दी। खुद को घिरता देख दंपत्ति आपा खो बैठे और उन्होंने कंधे पर रखे लट्ठे से पिंटू के सिर पर सीधा हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि गार्ड लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसके कान से खून बहने लगा।
शोर सुनकर पास में ‘मॉर्निंग वॉक’ कर रहे स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर घायल फॉरेस्ट गार्ड को बचाया। पिंटू को तत्काल रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डालटेनगंज (झारखंड) रेफर कर दिया गया। डालटेनगंज के श्री नारायण अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि सिर की हड्डी में फ्रैक्चर के साथ-साथ एक नस भी दब गई है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।
मामले की पुष्टि करते हुए रामानुजगंज रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी मनोज भुइयां को हिरासत में ले लिया है। घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए वन अधिनियम और संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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