बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)..शिक्षा विभाग में अटैचमेंट खत्म होने के बाद हड़कंप मच गया है..और मूल पदस्थापना को लेकर खुद डीपीआई भी नजर बनाये हुये है..डीपीआई ने शिक्षकों और गैर शिक्षकीय कर्मचारियों को ज्वाइन करने दिशा निर्देश भी जारी किये है..जिसमें सिविल सेवा आचरण अधिनियम के तहत कार्यवाही करने का हवाला भी दिया गया है..बावजूद बलरामपुर जिले में मंडल संयोजकों,बीईओ, एबीईओ, छात्रावास अधीक्षकों सहित प्रयास और एकलव्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को रिलीव नहीं किया गया है..जिसको लेकर अब शिक्षकों का एक धड़ा आक्रोशित है!.इधर सूत्रों के हवाले से मिल रही खबरो के मुताबिक एक अदृश्य शक्ति अबतक रिलीव नहीं किये शिक्षकों को वापस नहीं भेजने का दबाव बनाए हुए है..और उसी अदृश्य शक्ति के दबाव ने डीपीआई के तमाम आदेशों को बेअसर कर दिया है!
बता दे की डीपीआई ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर अटैचमेंट के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों को और गैर शिक्षकीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के संबंध में जानकारी मांगी थी..और 324 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भेजी गई थी..जिसमें से लगभग 196 अधिकारी – कर्मचारियों को ही इन पंक्तियों के लिखे जाने तक रिलीव किया गया है..जबकि शेष यथावत है..और उन्हीं यथावत की वजह से शिक्षा विभाग अखाड़े में तब्दील हो गया है!.इधर आदिमजाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के कहना है..की छात्रावास अधीक्षकों को मूल पदस्थापना में भेजने के संबंध सचिव स्तर पर चर्चा का दौर जारी है!.वही बलरामपुर जिले के पड़ोसी जिले सरगुजा और कोरिया में छात्रावास अधीक्षकों को रिलीव कर दिया गया है!.
आदिमजाति कल्याण विभाग में लगभग 90 शिक्षक अब भी विभिन्न पदों पर कार्यरत है..जिन्हें अब तनख्वाह की चिंता सताने लगी है..क्योंकि मूल पदस्थापना में ज्वाइनिंग नहीं करने वालों पर कार्यवाही के साथ -साथ एक माह का वेतन भी रुक जाएगा..ऐसे में वैकल्पिक संसाधनों के तहत होने वाली असुविधा से निपटने की दरकार है!.
