मनेंद्रगढ़। पत्रकारिता जब समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनने के साथ-साथ व्यवस्था को बदलने का जज्बा रखती हो, तो सम्मान राष्ट्रीय सीमाओं को लांघकर खुद-ब-खुद कदम चूम लेता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ऊर्जावान और निर्भीक पत्रकार रविकांत सिंह राजपूत ने। समाचार 4 मीडिया द्वारा आयोजित देश के सबसे प्रतिष्ठित ’40 अंडर 40 अवॉर्ड्स’ के चौथे संस्करण के विजेताओं में रविकांत का चयन किया गया है। आगामी 28 जुलाई 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाले एक भव्य और गरिमामयी समारोह में उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा। इस गौरवशाली उपलब्धि से पूरे छत्तीसगढ़ और पत्रकारिता जगत का सिर फख्र से ऊंचा हो गया है।
‘समाचार 4 मीडिया 40 अंडर 40’ भारतीय मीडिया जगत का एक ऐसा प्रतिष्ठित सम्मान है, जिसके अंतर्गत प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया से जुड़े देश भर के 40 वर्ष से कम आयु के उन चुनिंदा और प्रभावशाली पत्रकारों को चुना जाता है, जिन्होंने अपने साहसिक कार्यों, बेजोड़ नेतृत्व क्षमता और पत्रकारिता के प्रति अटूट समर्पण के बल पर एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस वर्ष विजेताओं का चयन देश के शीर्ष संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों और वरिष्ठ हस्तियों की एक उच्च स्तरीय जूरी द्वारा बेहद कड़े और सूक्ष्म मानकों के आधार पर किया गया, जिसमें रविकांत सिंह राजपूत ने अपनी धारदार ग्राउंड रिपोर्टिंग के दम पर देश के टॉप-40 में अपनी जगह पक्की की।
रविकांत को यह सम्मान 28 जुलाई को शाम 5:00 बजे से इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सेमिनार हॉल में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा। इस भव्य अवॉर्ड नाइट से पहले सुबह 10:00 बजे से एक विशेष मीडिया कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के जाने-माने दिग्गज संपादक व वरिष्ठ पत्रकार विभिन्न महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर मंथन करेंगे। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भारतीय मीडिया जगत की कई बड़ी हस्तियां नई दिल्ली में जुट रही हैं।
रविकांत सिंह राजपूत की यह सफलता उनकी लगातार की जा रही गंभीर, खोजी और सरोकार की पत्रकारिता का जीवंत प्रमाण है। गौरतलब है कि इससे पूर्व रविकांत को बच्चों के अधिकारों, ग्रामीण शिक्षा और संवेदनशील जमीनी मुद्दों पर उत्कृष्ट रिपोर्टिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ का प्रतिष्ठित ‘मीडिया 4 चिल्ड्रन अवॉर्ड’ भी मिल चुका है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अंधविश्वास के कारण बंद पड़े स्कूलों का ताला खुलवाना हो, या शोषितों-वंचितों की समस्याओं को शासन-प्रशासन के गलियारों तक पहुंचाकर उनका समाधान करवाना हो, रविकांत ने हमेशा पत्रकारिता के मूल्यों को सर्वोपरि रखा है। यूनिसेफ के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर ’40 अंडर 40′ की फेहरिस्त में शामिल होना उनके पत्रकारिता करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रविकांत सिंह राजपूत ने कहा कि यूनिसेफ के बाद अब समाचार 4 मीडिया का यह राष्ट्रीय सम्मान मिलना उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने यह पुरस्कार उन सभी आम लोगों की उम्मीदों और संघर्षों को समर्पित किया, जिनकी आवाज को उन्होंने मंच देने का प्रयास किया। साथ ही उन्होंने माना कि मीडिया जगत के वरिष्ठों के मार्गदर्शन और जिले के साथी पत्रकारों व प्रबुद्धजनों के सहयोग के बिना यह सफर संभव नहीं था।
