कोरबा। अपराध और अवैध निर्माण के गठजोड़ पर कोरबा प्रशासन ने रविवार को अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। भाजपा नेता पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपित और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रज्जाक अली के सीतामणी स्थित कथित अवैध निर्माण को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। सुबह जैसे ही भारी पुलिस बल के साथ राजस्व और नगर निगम का दस्ता मौके पर पहुंचा, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून को ठेंगे पर रखने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी, चाहे उनका रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो।
यह पूरी कार्रवाई भाजपा नेता पर हुए जानलेवा हमले की कड़ियों को जोड़ने के बाद शुरू हुई। तफ्तीश के दौरान जब रज्जाक अली का नाम सामने आया, तो प्रशासन ने फौरन उनके निर्माण कार्यों के दस्तावेजों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी। जांच में पाया गया कि चमचमाती इमारत नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की गई थी। इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई और वैधानिक प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण का फरमान जारी कर दिया गया। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नियमानुसार नोटिस जारी करने सहित सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं, ताकि किसी भी कानूनी पेंच से बचा जा सके।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े और कोई अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए प्रशासन ने चक्रव्यूह जैसी सुरक्षा तैयारी की थी। पूरे सीतामणी क्षेत्र की कड़े पहरे के बीच घेराबंदी कर दी गई थी। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी खुद चिलचिलाती धूप में मौके पर डटे रहे और पल-पल की निगरानी करते रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण विरोध की हर गुंजाइश पहले ही खत्म हो गई। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से शहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में सरगर्मी चरम पर है। प्रशासन के इस कड़े रुख ने अपराधियों और रसूखदारों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अपराध की कमाई से खड़े किए गए अवैध किलों को ढहाने में सरकार कोई कोताही नहीं बरतेगी।
