जांजगीर-चांपा। सुबह की ताजी हवा में सेहत बनाने निकले तीन ग्रामीणों के लिए रविवार की भोर मौत का पैगाम लेकर आई। बलौदा थाना क्षेत्र के कोरबी गांव में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां भारत माला मार्ग पर मार्निंग वॉक कर रहे तीन लोगों को एक अज्ञात वाहन ने पीछे से बेरहमी से कुचल दिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों ग्रामीणों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस नाकेबंदी कर रही है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर अधूरे पड़े भारत माला मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कोरबी गांव के रहने वाले ये ग्रामीण रोज की तरह सुबह टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद से इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर फरार वाहन और उसके ड्राइवर का सुराग लगाने में जुटी है।
इस हादसे ने उस सबसे बड़े खतरे को फिर उजागर कर दिया है जिससे स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। दरअसल, भारत माला मार्ग का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह से मुकम्मल नहीं हुआ है और न ही इस सड़क को आधिकारिक तौर पर आम जनता या भारी वाहनों के लिए शुरू किया गया है। इसके बावजूद, इस मार्ग पर बिना किसी रोक-टोक के भारी और तेज रफ्तार गाड़ियों की अवैध आवाजाही धड़ल्ले से जारी है। सुरक्षा इंतजामों और डायवर्जन बोर्ड की कमी के कारण यह अधूरा हाईवे अब ‘डेथ ट्रैप’ यानी मौत का रास्ता बनता जा रहा है, जहां आए दिन इस तरह के जानलेवा हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार हो रही इन दुर्घटनाओं के बाद भी जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है, जिसका खामियाजा आज तीन बेगुनाह लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
