जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक बड़े देश विरोधी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पाकिस्तान समर्थित स्लीपर सेल के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार युवक पर पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के संपर्क में रहकर संवेदनशील सूचनाएं साझा करने का गंभीर आरोप है। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत अकलतरा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पकड़ा गया आरोपी सेवक सिंह (23 वर्ष) पंजाब के तरन तारण जिले के पट्टी थाने का निवासी है, जो छत्तीसगढ़ में छुपकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे रिमांड पर ले लिया है।
इस संवेदनशील मामले का खुलासा तब हुआ जब अकलतरा पुलिस मिनीमाता चौक स्थित राजीव केडिया के मकान में किरायेदार सत्यापन अभियान चला रही थी। मकान में बाहरी राज्यों के कई लोग किराए पर रह रहे थे, जिनमें से सेवक सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पूछताछ के दौरान जब उसने खुद को भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीकी क्षेत्र का निवासी बताया, तो पुलिस को संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी के पास से मिले मोबाइल में पाकिस्तान, सऊदी अरब और मैक्सिको जैसे देशों के कई संदिग्ध नंबर मिले, जिनके जरिए वह लगातार आईएसआई समर्थित नेटवर्क के संपर्क में था।
पुलिसिया जांच और डिजिटल फोरेंसिक साक्ष्यों से यह संकेत मिले हैं कि आरोपी पिछले कुछ महीनों से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए विदेशी आकाओं को छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थानों, सुरक्षा व्यवस्था, और वाहनों के नंबरों सहित कई गोपनीय तस्वीरें और वीडियो भेज रहा था। आरोपी के मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा, व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्डिंग को पुलिस ने विधिवत जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को पूरी तरह से खंगाला जा सके।
मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा आरोपी को मिलने वाले टास्क को लेकर हुआ है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान में बैठे संचालकों द्वारा आरोपी को ड्रोन के माध्यम से आधुनिक हथियार (असलहा) उपलब्ध कराए जाने की योजना थी। इन हथियारों की खेप मिलने के बाद सेवक सिंह को सीमा पार से दिए गए विशिष्ट लक्ष्यों पर हमला करने यानी ‘टारगेट किलिंग’ जैसी खतरनाक वारदातों को अंजाम देना था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन दावों की पूरी तरह से प्रामाणिकता फोरेंसिक रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माने जा रहे इस मामले में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से तफ्तीश कर रही हैं। आरोपी की गतिविधियां देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा थीं, जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की पूछताछ की जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ और पंजाब में फैले इस स्लीपर सेल के अन्य संभावित सहयोगियों और मददगारों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।
