जांजगीर चांपा। शहर में एक बार फिर “ख़बर का असर” देखने को मिला है। फटाफट न्यूज में प्रकाशित खबर के बाद बिलियंट पब्लिक स्कूल प्रबंधन को अपना आदेश बदलना पड़ा। डीजल की कमी का हवाला देते हुए स्कूल संचालक ने ऑफलाइन कक्षाओं की जगह ऑनलाइन क्लास संचालित करने का आदेश जारी किया था, जबकि इस संबंध में शिक्षा विभाग को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। यह कदम शासकीय आदेशों की अवहेलना के रूप में देखा गया, जिस पर अभिभावकों में भारी नाराज़गी थी।
मामला सामने आते ही फटाफट न्यूज ने इसे प्रमुखता से उठाया। खबर के प्रकाशन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधन को नियमित कक्षाएं शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप के बाद स्कूल संचालक ने अपना पूर्व आदेश वापस लेते हुए रेगुलर क्लास बहाल करने का निर्णय लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बच्चों के अभिभावकों ने भी स्कूल के फैसले का विरोध किया था। उनका कहना था कि बिना विभागीय अनुमति के ऑनलाइन क्लास का आदेश न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि छात्रों की पढ़ाई और अनुशासन पर भी नकारात्मक असर डालता है। अभिभावकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
खबर के असर से बदले हालात को लेकर अभिभावकों ने संतोष जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में स्कूल प्रबंधन किसी भी निर्णय से पहले नियमों का पालन करेगा और शिक्षा विभाग को सूचना देकर ही कदम उठाएगा। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जिम्मेदार पत्रकारिता और प्रशासनिक तत्परता से जनहित के मुद्दों का समाधान संभव है।
