रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ गुरुवार की शाम आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के चिराइपानी इलाके में स्थित महालक्ष्मी कास्टिंग कंपनी की एक विशाल दीवार अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। दुर्भाग्य से, यह दीवार सीधे बगल में स्थित ओम रुपेश कंपनी के लेबर क्वार्टर पर जा गिरी। इस मलबे की चपेट में आने से एक गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी बहन और जीजा मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
यह पूरी घटना उस वक्त हुई जब ओम रुपेश कंपनी में मजदूरी करने वाली दो सगी बहनें रंभा और रिंकी यादव, अपने जीजा सुनील यादव (रिंकी के पति) के साथ लेबर क्वार्टर में मौजूद थीं। शाम के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महालक्ष्मी कास्टिंग की भारी-भरकम दीवार ने लेबर क्वार्टर को अपनी चपेट में ले लिया। दीवार गिरते ही चीख-पुकार मच गई और तीनों मजदूर मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए।
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के मजदूरों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी और खुद ही मलबे को हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को मलबे से बाहर निकाला। तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें फौरन मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मलबे में बुरी तरह दबी गर्भवती रंभा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे सुनील और रिंकी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद पूंजीपथरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घटना के संबंध में डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि दोनों कंपनियां बिल्कुल अगल-बगल स्थित हैं। प्राथमिक दृष्टि में यह हादसा शाम को आई भीषण आंधी और बारिश के कारण दीवार के कमजोर होने से हुआ प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस प्रशासन फैक्ट्रियों के निर्माण और सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रहा है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों और लापरवाही का पता लगाया जा सके।
