कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के शांत इलाके सोनहत में रेत उत्खनन के खूनी विवाद को लेकर हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सत्यप्रकाश त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, अक्षय त्रिपाठी और महेंद्र त्रिपाठी के रूप में हुई है। फिलहाल साइबर सेल की मदद से गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और घटना के बाद से फरार चल रहे अन्य 5 नामजद आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
यह पूरी वारदात मंगलवार की देर रात सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में बेहद सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी। रेत माफियाओं ने पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और उनके साथियों का रास्ता रोकने के लिए उनकी फॉर्च्यूनर कार के आगे-पीछे भारी वाहन अड़ा दिए। इसके बाद हमलावरों ने गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। जान बचाने के लिए जैसे ही लोग धधकती गाड़ी से बाहर निकले, घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हमले में घायल हुए कुछ अन्य लोगों का इलाज अब भी अस्पताल में जारी है।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने कुल 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(2), 191(3), 109, 324, 103(1) और 326 के तहत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की कवायद चल रही है, ताकि हत्या की इस पूरी खूनी साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
इधर, तिहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में उपजे भारी तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। जिला दंडाधिकारी रोक्तिमा यादव ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले धारा 144 के रूप में जानी जाती थी) लागू करने का आपातकालीन आदेश जारी कर दिया है। यह निषेधाज्ञा बैकुंठपुर के महलपारा स्थित खेरवार घाट और मुख्य घटनास्थल के 300 मीटर के दायरे में पूरी तरह प्रभावी रहेगी।
इस प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह के धरना, प्रदर्शन, सभा, जुलूस, नारेबाजी, या हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही किसी भी प्रकार की भड़काऊ सामग्री या पोस्टर के प्रदर्शन को भी प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा, हालांकि शासकीय और सुरक्षा कार्यों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को इस पाबंदी से छूट रहेगी। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पूरे जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
