रीवा। मध्य प्रदेश में रीवा के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत छुहिया घाटी में एक बीमार महिला और उसके पति को बंधक बनाकर लूटने वाले तीन शातिर बदमाशों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। ३१ मई की खौफनाक रात को हुई इस वारदात ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब पुलिसिया जांच में पता चला कि वारदात के समय आरोपी केवल लूटपाट नहीं कर रहे थे, बल्कि अपनी बहादुरी का ढोंग रचने के लिए मोबाइल से बकायदा वीडियो भी रिकॉर्ड कर रहे थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए न सिर्फ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके पास से लूट की नकदी, वारदात में इस्तेमाल बाइक और खुद बदमाशों द्वारा बनाया गया वही वीडियो डिजिटल साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है, जो अब अदालत में उनके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनेगा।
यह पूरी घटना उस वक्त शुरू हुई जब शहडोल जिले के जैतपुर निवासी रूप सिंह गोंड अपनी बीमार पत्नी पिंकी गोंड का इलाज कराकर रीवा से बस द्वारा अपने गांव लौट रहे थे। रात के करीब दो बज रहे थे, तभी आमचुआ मंदिर से कुछ आगे पिंकी की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। घबराए पति ने फौरन बस रुकवाई और पत्नी को संभालते हुए सड़क किनारे झाड़ियों के पास बैठ गया। सुनसान रात और घाटी के सन्नाटे का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश युवक वहां आ धमके। उन्होंने लाचार दंपती को घेरकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया और उनके पास रखे साढ़े चार हजार रुपए नगद व जरूरी पहचान पत्र छीनकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पहाड़ियों की तरफ भाग निकले।
पीड़ित दंपती की शिकायत मिलते ही गोविंदगढ़ पुलिस हरकत में आई और संदेह के आधार पर इलाके के कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू की। पुलिस के कड़े तेवरों के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सके और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जेल भेजे गए इन शातिर लुटेरों की पहचान गोविंदगढ़ के मड़वा गांव निवासी शिव सागर पटेल (23 वर्ष), इसहाक खान (18 वर्ष) और नीरज यादव (21 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इन तीनों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (MP-17-MD-1618), दो मोबाइल फोन और लूटी गई रकम में से 3600 रुपए नगद बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए कुल सामान और वाहन की कीमत करीब 78 हजार 600 रुपए है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया है, जहां वे अब अपने किए की सजा भुगत रहे हैं।
