जांजगीर-चांपा। जिले में धान खरीदी घोटाले को लेकर इस वर्ष की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सहकारिता विभाग की जांच में करोड़ों रुपए की अनियमितता उजागर होने के बाद जिले के किरीत, बिर्रा और कड़ारी धान खरीदी केंद्रों के प्रभारी, प्रबंधक एवं हमाल सहित 7 लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की गई है।
मामले में नवागढ़, बिर्रा और बाराद्वार थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि धान खरीदी के दौरान रिकॉर्ड में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर धान गायब किया गया। जांच में तीनों केंद्रों से कुल 4714.3 क्विंटल धान गायब पाया गया है।
सहकारिता विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार पूरे मामले में 1 करोड़ 46 लाख 14 हजार 3सौ 30 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच के बाद विभागीय अधिकारियों ने जिम्मेदार कर्मचारियों और प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कराई।
सूत्रों के मुताबिक धान खरीदी के दौरान फर्जी एंट्री, स्टॉक में गड़बड़ी और रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। इसके बाद विभाग ने दस्तावेजों का मिलान कराया, जिसमें करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ।
खास बात यह है कि किरीत धान खरीदी केंद्र का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। पूर्व में किरीत एवं तुलसी केंद्र के प्रबंधक और खरीदी प्रभारी पर भी कार्रवाई हो चुकी है, बावजूद इसके धान खरीदी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया।
जिले में लगातार सामने आ रहे धान घोटालों ने सहकारिता विभाग और खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि यह कार्रवाई केवल FIR तक सीमित रहती है या फिर घोटाले के मास्टरमाइंड तक भी कानून का शिकंजा पहुंचता है।
