सूरजपुर। नेशनल हाईवे 43 पर स्थित सूरजपुर के मनेन्द्रगढ़ रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रसिद्ध कपड़ा शोरूम ‘कृष्णा ड्रेसेस’ के ऊपरी हिस्से से धुएं का काला गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान के भीतर रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर राख हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां और दर्जन भर से अधिक दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक शोरूम को भारी आर्थिक क्षति पहुंच चुकी थी। हालांकि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
हादसे के दौरान स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने मानवता की मिसाल पेश की। जैसे ही लोगों ने ऊपरी मंजिल पर आग की लपटें देखीं, वे तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए दुकान की निचली मंजिल में रखे कपड़ों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया, जिससे नुकसान की भयावहता को कुछ कम किया जा सका। लोगों के इस सामूहिक प्रयास ने आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिलहाल प्रशासन नुकसान के सटीक आंकलन और आग लगने के तकनीकी कारणों की जांच में जुटा है।
इस घटना ने एक बार फिर शहर के रिहायशी इलाकों और मुख्य मार्ग पर स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल हाईवे के किनारे स्थित इस बड़ी दुकान में आगजनी से निपटने के पुख्ता इंतजाम न होने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाओं से स्थानीय नागरिकों में चिंता व्याप्त है और लोग प्रशासन से सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों और आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।
