फटाफट डेस्क। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति के गलियारों में एक ऐसा भूचाल ला दिया है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। थलपति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ ने 110 सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाकर सत्ता की चाबी अपने नाम कर ली है और बहुमत के जादुई आंकड़े 117 के बेहद करीब पहुंच गई है। चेन्नई की सड़कों पर समर्थकों का सैलाब उमड़ रहा है, आतिशबाजी हो रही है, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी चर्चा विजय के घर के भीतर हो रही है। इस सियासी जश्न के बीच विजय की कथित ‘लेडी लव’ और दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री तृषा कृष्णन का उनके आवास पर पहुंचना जंगल की आग की तरह पूरे देश में फैल गया है।
जैसे ही रुझानों में विजय की पार्टी ने जीत का शतक पूरा किया, तृषा कृष्णन को विजय के चेन्नई स्थित आवास पर प्रवेश करते देखा गया। सफेद रंग की कार में सवार तृषा के चेहरे पर एक रहस्यमयी मुस्कान थी, जिसने वहां मौजूद कैमरों और प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दीं। हाल ही में तिरुपति में अपना 43वां जन्मदिन मनाकर लौटीं तृषा का इस खास मौके पर विजय के साथ होना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। प्रशंसकों के लिए यह किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा है, क्योंकि इस जोड़ी के भविष्य को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे।
विजय और तृषा के रिश्तों की सुगबुगाहट फिल्म ‘लियो’ के बाद से ही तेज थी, लेकिन आज की इस मौजूदगी ने उन अफवाहों को और बल दे दिया है जो विजय की निजी जिंदगी से जुड़ी हैं। दरअसल, दिसंबर 2025 में जब विजय की पत्नी संगीता सोरलिंगम ने आधिकारिक तौर पर तलाक की अर्जी दाखिल की थी, तो उन्होंने अपने पति के एक सह-कलाकार के साथ संबंधों को आधार बनाया था। अब जबकि विजय की निजी और राजनीतिक जिंदगी में एक साथ बड़े बदलाव आ रहे हैं, तो तृषा का उनके घर पहुंचना इन चर्चाओं पर मुहर लगाता दिख रहा है कि विजय अपनी जिंदगी का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं।
दिलचस्प बात यह है कि राजनीति के मैदान में विजय का यह डेब्यू किसी मेगा-हिट फिल्म से कम नहीं रहा। जहाँ सत्ताधारी DMK गठबंधन और AIADMK जैसे दिग्गज दल 50 से 70 सीटों के बीच सिमटते नजर आ रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन का अपनी सीटों पर पीछे चलना एक बड़े युग के अंत का संकेत है। विजय ने खुद पेरुम्बुर और त्रिची ईस्ट जैसी सीटों से बढ़त बनाकर यह साबित कर दिया है कि वह केवल पर्दे के नहीं, बल्कि जनता के भी असली हीरो हैं।
आज जब चेन्नई की हवाओं में थलपति विजय के नाम के नारे गूंज रहे हैं, तो सत्ता की इस नई चमक के साथ उनके निजी रिश्तों की नई कहानी भी परवान चढ़ती दिख रही है। क्या यह शानदार चुनावी जीत और तृषा का साथ किसी बड़े आधिकारिक ऐलान की आहट है? फिलहाल, तमिलनाडु को अपना नया जननायक मिल चुका है और जनता को अब इंतज़ार है उनकी जिंदगी के इस नए ‘पार्टनरशिप’ के आधिकारिक होने का।
