कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने इस बार सख्त और स्पष्ट संदेश दे दिया है. किसी भी तरह की लापरवाही, हिंसा या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के समन्वयकों की अहम बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए. उपचुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती के नेतृत्व में आयोग की टीम राज्य में लगातार बैठकों के जरिए व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है. देर रात तक चली बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि हर मतदाता बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बूथ कैप्चरिंग, मतदाताओं को डराने-धमकाने या मतदान में बाधा डालने जैसी घटनाओं पर तुरंत और सख्त कार्रवाई होगी. केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके.
सरकारी कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे पूरी तरह निष्पक्ष रहें और किसी भी राजनीतिक गतिविधि से दूरी बनाए रखें. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही या पक्षपात पाए जाने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई तय है.
चुनाव आयोग की इस सख्त रणनीति का उद्देश्य मतदाताओं के बीच भरोसा बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराना है. राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी.
