पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सोमवार (13 जुलाई) को नामांकन के आखिरी दौर में यह सीट उस वक्त देश भर की सुर्खियों में आ गई, जब जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने खुद यहां से उम्मीदवार के तौर पर अपना पर्चा दाखिल कर दिया। चुनावी मैदान में उतरने के साथ ही प्रशांत किशोर ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जो हलफनामा पेश किया है, उसने हर किसी को चौंका दिया है। इस शपथपत्र के मुताबिक, प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी कुल मिलाकर अरबों रुपये के मालिक हैं।
हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास कुल 96.06 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति है। इसमें से 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जबकि 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। नकदी की बात करें तो नामांकन के समय उनके पास 65,570 रुपये कैश थे। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की एक निजी कंपनी में शत-प्रतिशत (100%) हिस्सेदारी है। दिलचस्प बात यह है कि इसी कंपनी ने जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का बड़ा दान दिया है।
प्रशांत किशोर के साथ-साथ उनकी पत्नी भी बड़ी संपत्ति की मालकिन हैं। शपथपत्र के अनुसार, उनकी पत्नी के नाम पर 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। चुनावी हलफनामे के वक्त उनकी पत्नी के पास 1,95,200 रुपये की नकदी मौजूद थी।
चुनावी हलफनामे ने प्रशांत किशोर की शैक्षणिक योग्यता का पूरा खाका भी सामने रख दिया है। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा बिहार से ही पूरी की है, जिसमें 1991 में बक्सर के एम.पी. हाई स्कूल से मैट्रिक (10वीं) और 1993 में पटना साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई शामिल है। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा का रुख किया और साल 1996 से 1999 के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय से बीबीए (BBA) की डिग्री हासिल की। साल 2003 में उन्होंने हैदराबाद से स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन में मास्टर डिग्री (MHA) ली। इतना ही नहीं, प्रशांत किशोर ने साल 2010 में फ्रांस के क्लेरमों-फेरां विश्वविद्यालय से संबद्ध कैविलाम (विची) से फ्रेंच भाषा की बाकायदा पढ़ाई भी की है।
गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण हो रहा है। नितिन नवीन ने साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि, बाद में पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा भेजे जाने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते 30 जुलाई को इस सीट पर नए सिरे से मतदान होने जा रहा है।
