नई दिल्ली। मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई वित्तीय और सुरक्षा नियमों में व्यापक बदलाव आ गए हैं। 1 मई 2026 से लागू हुए ये नियम न केवल आपके मासिक बजट को प्रभावित करेंगे, बल्कि बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के आपके तरीके को भी बदल देंगे। रसोई गैस की कीमतों में उछाल से लेकर एटीएम निकासी के नए शुल्क तक, यहाँ पढ़ें आज से प्रभावी होने वाले 7 बड़े बदलाव:-
1. कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि
मई के पहले ही दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम) की कीमतों में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) के दाम स्थिर रखे गए हैं। फिर भी, कमर्शियल गैस महंगी होने से रेस्टोरेंट और बाहर का खाना महंगा होने की पूरी संभावना है।
2. गैस डिलीवरी के लिए ‘DAC’ कोड अनिवार्य
अब रसोई गैस की होम डिलीवरी की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित कर दी गई है। चोरी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनिवार्य है। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) को डिलीवरी बॉय के साथ साझा करना होगा, इसके बिना सिलेंडर की सुपुर्दगी संभव नहीं होगी।
3. ATM और UPI कैश निकासी पर नया शुल्क
RBI द्वारा इंटरचेंज फीस बढ़ाने के बाद बैंकों ने मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा के बाद शुल्क बढ़ा दिया है।
लिमिट: आमतौर पर 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन के बाद प्रति निकासी ₹23 का शुल्क लगेगा।
UPI कैश: एचडीएफसी और बंधन बैंक जैसे संस्थानों ने यूपीआई से कैश निकालने को भी इसी सीमा में शामिल कर दिया है।
फेल ट्रांजैक्शन: खाते में बैलेंस कम होने पर ट्रांजैक्शन फेल होने पर ₹25 का दंड देना होगा।
4. UPI लेनदेन में ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ की सख्ती
डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए 1 मई से UPI पेमेंट में अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ी जा रही है। अब केवल पिन (PIN) डालना पर्याप्त नहीं होगा; बड़े ट्रांजैक्शन के लिए बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस आईडी) या अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जा सकता है।
5. एयर फ्यूल (ATF) और हवाई किराया
सरकार ने हवाई ईंधन के निर्यात पर ₹33 प्रति लीटर की ड्यूटी लगाई है। हालांकि, घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतों को फिलहाल नियंत्रित रखा गया है, जिससे हवाई सफर करने वाले यात्रियों पर तत्काल बोझ नहीं पड़ेगा।
6. क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स में कटौती
SBI और अन्य प्रमुख बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड नियमों को सख्त कर दिया है। अब रेंट पेमेंट (Rent Payment) और बिजली बिल जैसे यूटिलिटी भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को या तो खत्म कर दिया गया है या उन पर 1% तक का अतिरिक्त ट्रांजैक्शन शुल्क लगाया गया है।
7. ऑनलाइन गेमिंग: पंजीकरण और नई श्रेणियाँ
गेमिंग सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स। आज से ऐसे सभी गेम्स जिनमें वित्तीय दांव लगते हैं, उनके लिए आधिकारिक पंजीकरण (Registration) अनिवार्य होगा।
