नई दिल्ली। देश में ईंधन के सही उपयोग को सुनिश्चित करने और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय द्वारा जारी एक नए आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं के खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या डीजल खरीदने पर रोक लगाई जा सकती है। इस नए नियम के लागू होने के बाद ऐसे बड़े उपभोक्ताओं को अपनी ईंधन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केवल अपने अधिकृत उपभोक्ता पंपों (Dedicated Consumer Pumps) पर ही निर्भर रहना होगा। वे आम जनता के लिए बने खुदरा पेट्रोल पंपों से सीधे ईंधन नहीं मंगा सकेंगे।
इसके साथ ही, सरकार ने डीजल की खुदरा बिक्री को लेकर भी कड़े नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत अब किसी भी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम केवल 200 लीटर डीजल ही बेचा जा सकेगा। सरकार का यह फैसला खुदरा बाजारों में डीजल की अचानक बढ़ने वाली मांग को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा। इस आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि पेट्रोल पंपों से खरीदे गए डीजल का किसी भी स्थिति में पुनर्विक्रय (Resale) नहीं किया जा सकेगा, यानी कोई भी व्यक्ति या संस्था इसे मुनाफा कमाने के उद्देश्य से दोबारा नहीं बेच पाएगी।
इस नए नीतिगत बदलाव को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और पेट्रोल पंप डीलरों को सौंपी गई है, जिन्हें इन सभी प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को भी पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी, अनधिकृत भंडारण और अन्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितताओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करें, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।
