नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। एजेंसी में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कई अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक (क्रिमिनल) मुकदमे भी दर्ज कराए जाएंगे। सरकार की ओर से यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बहाल करने के लिए आने वाले दिनों में और भी कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
NEET पेपर लीक के बाद से ही देशभर में छात्रों, युवा संगठनों और विभिन्न वर्गों का गुस्सा चरम पर है। राजधानी दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते दबाव के बीच NTA के भीतर यह बड़ी कार्रवाई की गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी लंबे समय से धांधली के इन आरोपों को लेकर घिरी हुई थी, जिसके बाद सरकार ने तंत्र को जवाबदेह बनाने की दिशा में यह सख्त कदम उठाया है।
धांधली पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने ‘पेपर लीक संशोधन विधेयक’ को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए कानून में पेपर लीक माफिया और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं। कानून बनने के बाद, पेपर लीक से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों को 10 साल तक की जेल की सजा के साथ-साथ 10 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना भी भरना पड़ेगा। NTA में अधिकारियों की बर्खास्तगी और संसद में सख्त कानून की तैयारी से सरकार ने यह साफ संदेश दे दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
