नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सफल 12 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने देशव्यापी स्तर पर एक महा-अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ आगामी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की विस्तृत रणनीति पर गहन मंथन किया। इस बैठक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू पार्टी की रणनीति में आया एक बड़ा बदलाव रहा, जिसके तहत अब सोशल मीडिया की आभासी दुनिया पर निर्भरता को कम करते हुए पार्टी अपनी पारंपरिक और सबसे अचूक ताकत यानी ‘घर-घर संपर्क अभियान’ को फिर से पूरी आक्रामकता के साथ जमीन पर उतारने जा रही है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केवल डिजिटल मंचों के भरोसे रहने के बजाय कार्यकर्ताओं का सीधे जनता के बीच जाना ज्यादा प्रभावी परिणाम देता है। यही वजह है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर संगठन के विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी को अभेद्य किला बनाने की दिशा में नए कदम उठाए गए हैं। इस नए मास्टरप्लान के तहत बीजेपी के कार्यकर्ता अब सीधे जनता के दरवाजों पर दस्तक देंगे, जहाँ वे केंद्र और राज्य सरकारों के विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रमुखता से जनता के सामने रखेंगे। इतना ही नहीं, पार्टी ने अब सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के बजाय पूरी तरह से जमीन पर मौजूद कार्यकर्ताओं से मिलने वाली जमीनी सूचनाओं और वास्तविक फीडबैक पर ही भरोसा करने का सख्त फैसला लिया है।
यह बैठक आगामी चुनावी वर्ष के लिहाज से बीजेपी के लिए टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है, जहाँ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी प्रदेश अध्यक्षों को बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हर राज्य का नेतृत्व अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और उनकी चिंताओं का तुरंत समाधान करे। नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि चुनाव जिताने वाले इन रीढ़ की हड्डी समान कार्यकर्ताओं में किसी भी स्तर पर निराशा या हताशा का भाव नहीं आना चाहिए। संगठन को जमीनी स्तर पर री-चार्ज करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक ने साफ कर दिया है कि बीजेपी अब हवा-हवाई प्रचार के बजाय सीधे ‘जनता से जीवंत संपर्क’ के अपने पुराने और भरोसेमंद फॉर्मूले पर लौट आई है।
