Weather Update: इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहे देश के एक बड़े हिस्से के लिए मौसम विभाग ने बेहद चिंताजनक और डराने वाली चेतावनी जारी की है। आगामी जून का महीना न केवल भीषण लू (हीटवेव) के थपेड़ों से झुलसाने वाला होगा, बल्कि इस दौरान मानसून की रफ्तार भी बेहद सुस्त रहने वाली है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल जून से सितंबर के पूरे सीजन में देश के भीतर ‘लॉन्ग पीरियड एवरेज’ (एलपीए) की महज 90 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश के कई हिस्सों को इस बार कम बारिश और सूखे जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने मानसून की इस सुस्ती और बेतहाशा बढ़ती गर्मी के पीछे ‘अल नीनो’ के बढ़ते प्रभाव को मुख्य जिम्मेदार माना है। आंकड़ों के मुताबिक, जून के महीने में समुद्र में अल नीनो की स्थिति सक्रिय होने की संभावना 82 प्रतिशत है, जो जुलाई और अगस्त तक बढ़कर 90 प्रतिशत के पार पहुंच सकती है। इसी वजह से जून में देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहेगा और बारिश का आंकड़ा भी सामान्य से 92 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है। इस पूरे दौर में केवल उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर के कुछ गिने-चुने हिस्सों में ही सामान्य बारिश की उम्मीद जताई गई है।
मौसम विभाग ने इस जानलेवा तपिश को देखते हुए देश के 11 राज्यों में लू का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के मुताबिक, इस बार गर्मियों के दिनों की संख्या सामान्य से कहीं ज्यादा होगी। उत्तर और मध्य भारत के उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य इस भीषण गर्मी की चपेट में सबसे आगे रहेंगे। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में ओडिशा और गुजरात के लोगों को भारी तपिश झेलनी होगी। दक्षिण और मध्य-पश्चिम भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी हालात बेहद गंभीर होने वाले हैं। प्रशासन ने इन सभी क्षेत्रों के नागरिकों को चिलचिलाती धूप से बचने के लिए अभी से एहतियात बरतने की सलाह दी है।
इस भीषण और कड़े पूर्वानुमान के बीच राहत की एक धीमी बयार भी चलती दिख रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी तय समय-सारणी से चार दिन पहले ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में दस्तक दे चुका है और वर्तमान में यह लक्षद्वीप व दक्षिण अरब सागर की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा, एक नए पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के टकराने के कारण दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर-पश्चिम भारत को अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी से थोड़ी तात्कालिक राहत मिल सकती है। इस दौरान धूलभरी आंधी, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे पारे में कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी।
