नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से एक एडवाइजरी जारी करते हुए 24 जुलाई (शुक्रवार) सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को यात्री सेवाओं के लिए पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। इस दौरान लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान स्टेशनों पर यात्रियों का प्रवेश और निकास पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
अचानक इतने बड़े पैमाने पर स्टेशन बंद होने से दैनिक यात्रियों की राह कठिन न हो, इसे ध्यान में रखते हुए DMRC ने कुछ राहत भी दी है। बंद रहने के बावजूद राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे महत्वपूर्ण जंक्शनों पर यात्रियों के लिए लाइन बदलने (इंटरचेंज) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मेट्रो प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना समय रहते बनाएं और मेट्रो के बजाय बस, ऑटो या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लें। साथ ही, यात्रियों को अद्यतन स्थिति जानने के लिए DMRC की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़े रहने को कहा गया है।
दूसरी ओर, मेट्रो स्टेशनों के अचानक बंद होने का असर अदालती कामकाज पर भी देखने को मिला है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से वकीलों और वादकारियों को शीर्ष अदालत तक पहुंचने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कड़ा रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि यदि स्थिति का समाधान जल्द नहीं निकला, तो वह खुद मामले में हस्तक्षेप करेंगे। इसके साथ ही CJI ने यह भी स्पष्ट निर्देश जारी किया कि आवागमन की इस समस्या से प्रभावित वकीलों की अनुपस्थिति के कारण किसी भी मामले में कोई प्रतिकूल (Adverse) आदेश पारित न किया जाए। हालांकि, देर शाम तक स्टेशनों को दोबारा खोले जाने के संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई नई सूचना जारी नहीं हुई थी।
