कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ता की दहलीज पर कौन दस्तक देगा, इसका फैसला आज होने जा रहा है। राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 293 सीटों पर आज सुबह से ही मतों की गणना शुरू हो चुकी है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने 25 जिलों में कुल 77 मतगणना केंद्र बनाए हैं। बंगाल की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक है क्योंकि फलता विधानसभा सीट पर चुनावी गड़बड़ियों के चलते दोबारा मतदान 21 मई को तय किया गया है, जिसके परिणाम 24 मई को आएंगे। ऐसे में आज होने वाली 293 सीटों की गिनती ही राज्य के भावी मुख्यमंत्री और सरकार की दिशा तय कर देगी।
लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 148 सीटों के जादुई आंकड़े को छूना होगा। इस बार का चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ था, जिसमें 23 अप्रैल को पहले चरण की 152 सीटों और 29 अप्रैल को दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान हुआ था। फलता सीट के लंबित होने के बावजूद, बहुमत का आधार 294 सीटों के गणित पर ही टिका है, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
मतगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार, सभी 77 केंद्रों के 459 हॉलों में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच गिनती हो रही है। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 533 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इस बार सुरक्षा के आधुनिक मानकों को अपनाते हुए सभी काउंटिंग एजेंट्स को क्यूआर कोड (QR Based) युक्त पहचान पत्र दिए गए हैं, जिनके बिना केंद्र में प्रवेश वर्जित है। नियम के अनुसार, सबसे पहले डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती की जाएगी और उसके ठीक बाद ईवीएम के जरिए डाले गए वोटों का पिटारा खुलेगा। शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतगणना के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
