अम्बिकापुर। देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव क्या निपटे, आम जनता के अच्छे दिनों के गुब्बारे की हवा ही निकल गई। जब तक चुनावी समर चल रहा था, तब तक देश में महंगाई काबू में थी, तेल के दाम थमे हुए थे और सरकार की तरफ से सब कुछ ‘ऑल इज वेल’ बताया जा रहा था। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए, पेट्रोल, डीजल से लेकर दूध और रोजमर्रा की तमाम जरूरी चीजों के दाम आसमान छूने लगे हैं। जनता अब समझ चुकी है कि चुनावों तक कीमतों को थाम कर रखना सिर्फ एक सियासी पैंतरा था। अब इस बेतहाशा महंगाई को लेकर मोदी सरकार सीधे तौर पर कटघरे में है, क्योंकि सरकार के ऊंचे-ऊंचे दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर साफ नजर आने लगा है।
एक तरफ केंद्र सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। राज्य की राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में कई पेट्रोल पंप पूरी तरह से ‘ड्राई’ यानी खाली हो चुके हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि जहां भी थोड़ा-बहुत ईंधन मिल रहा है, वहां गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोगों को काम-धंधा छोड़कर, रात-रात में जागकर पेट्रोल डलवाने के लिए लाइनों में खड़े होने को मजबूर होना पड़ा। पेट्रोल-डीजल की इस किल्लत ने आम आदमी को बुरी तरह परेशान कर दिया है, लेकिन सरकार इस जमीनी संकट को समझने और सुलझाने के बजाय अब भी कागजी दावों में व्यस्त है।
इसी जन-आक्रोश को आवाज देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर अम्बिकापुर के कांग्रेस कार्यालय (राजीव भवन) में एक जिला स्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उनके साथ सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक समेत जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने साफ किया कि इस कमरतोड़ महंगाई का वैश्विक परिस्थितियों या किसी युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों और क्रोनी कैपिटलिज्म का नतीजा है।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह महंगाई अचानक नहीं बढ़ी है, बल्कि इसकी स्क्रिप्ट पहले से तय थी। चुनाव के दौरान भाजपा के बड़े-बड़े नेता, मंत्री और खुद प्रधानमंत्री देश को गुमराह करते रहे कि तेल का पर्याप्त भंडारण है और कोई समस्या नहीं आएगी। लेकिन अब चुनाव बीतते ही जनता को महंगाई के दलदल में धकेल दिया गया है। डॉ. सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि आज जब बेरोजगार अपने हक की बात करते हैं, तो सत्ता के अंधभक्त उन्हें ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों से अपमानित करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा भी तो मोदी का ही था, लेकिन आज देश समझ चुका है कि वे सारे वादे सिर्फ चुनावी जुमले थे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि वे सरकार की इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और सड़क पर उतरकर इस तानाशाही व गलत नीतियों को बेनकाब करेंगे।
