जांजगीर-चांपा। राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आमंत्रण पत्र में क्षेत्र के निर्वाचित विधायक का नाम शामिल नहीं किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले को लेकर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने जिला शिक्षा अधिकारी को जमकर घेरा और इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
वीडियो में कांग्रेस जनप्रतिनिधि जिला शिक्षा अधिकारी से इस मुद्दे पर तीखे अंदाज में सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना था कि सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के तहत क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उचित स्थान और सम्मान दिया जाना चाहिए, लेकिन आमंत्रण पत्र से विधायक का नाम गायब कर विभाग ने गंभीर लापरवाही की है।
कांग्रेस पार्षदों ने जिला शिक्षा अधिकारी से दो टूक कहा कि “आपने जांजगीर-चांपा के निर्वाचित विधायक का अपमान किया है। यह केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि और क्षेत्र की जनता का अपमान है।” जनप्रतिनिधियों ने अधिकारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी रखी। राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता जैसे बड़े सरकारी आयोजन के आमंत्रण पत्र में प्रोटोकॉल को लेकर हुई इस कथित चूक ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल यह भी उठ रहा है कि इतने बड़े राज्य स्तरीय आयोजन का निमंत्रण पत्र जारी होने से पहले जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों की सूची का परीक्षण क्यों नहीं किया?
मामले को लेकर कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो विवाद और बढ़ सकता है। फिलहाल DEO को लेकर कांग्रेस जनप्रतिनिधियों का आक्रोश राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
