सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से पुलिसिया कार्यप्रणाली को झकझोर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के तहत ठठारी गांव में लगी मुख्यमंत्री की जन चौपाल में उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब सिरली गांव की एक पीड़ित महिला ने भरे मंच पर सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी दर्दभरी आपबीती सुना दी। महिला ने किसी छोटे कर्मचारी पर नहीं, बल्कि सीधे सक्ती थाना प्रभारी (टीआई) पर लापरवाही और संवेदनहीनता के बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने रुंधे गले से बताया कि वह बीती ५ जून की रात अपने साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत लेकर सक्ती थाने पहुँची थी। महिला का आरोप है कि वह न्याय की उम्मीद में रात भर थाने के फर्श पर बैठकर पुलिस अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ती रही, लेकिन खाकी का दिल नहीं पसीजा। महिला के मुताबिक, रात के करीब ३ बजे तक उसकी फरियाद सुनने के लिए कोई तैयार नहीं था और उसे बिना किसी कार्रवाई के मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
जन चौपाल में जनता और मीडिया के सामने महिला ने पुलिस प्रशासन की इस ढीली और संवेदनहीन कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए और दोषी टीआई पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री के सामने लाइव चौपाल में पुलिस की इस करतूत की शिकायत ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित महिला को आश्वस्त किया और कहा, “ठीक है, हम इस पूरे मामले को दिखवाएंगे।” मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद अब देखना होगा कि सक्ती पुलिस के लापरवाह अफसरों पर गाज कब गिरती है।
