अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ढर्रे से उतर चुकी है। एक तरफ जहाँ शहर की जनता आए दिन रेंगते ट्रैफिक और जाम से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ ट्रैफिक को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी संभालने वाले महकमे के कुछ कारिंदे अवैध वसूली के धंधे में मस्त हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक नया वीडियो इसका पुख्ता सबूत है, जिसने खाकी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में यातायात विभाग में पदस्थ एक होमगार्ड जवान एक वाहन चालक से सरेआम पैसों की मांग करता नजर आ रहा है। शर्मनाक बात यह है कि जवान 400 से 500 रुपये की अवैध मांग करते हुए लगातार अपशब्दों और गाली-गलौज का इस्तेमाल कर रहा है, जिसके कारण वीडियो की भाषा मुख्यधारा में प्रसारित करने लायक नहीं है। यह कोई पहला मौका नहीं है, शहर में अक्सर यातायात कर्मियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगते रहे हैं और यह ताजा वीडियो इस कड़वी सच्चाई पर मुहर लगाता है।
दरअसल, अम्बिकापुर की ट्रैफिक व्यवस्था आज की तारीख में पूरी तरह से बदलाव और एक बड़े ओवरहॉल की मांग कर रही है। शहर की प्रमुख धमनियां कही जाने वाली सड़कें जैसे देवीगंज रोड, जोड़ा पीपल रोड, पुलिस लाइन रोड और सदर रोड आज सही ट्रैफिक पुलिसिंग न होने के कारण जाम के दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। इन व्यस्ततम मार्गों पर नियमों का उल्लंघन करना जैसे लोगों के लिए आम बात हो गई है, और इसकी मुख्य वजह यह है कि जिम्मेदार अमला यातायात को सुचारू बनाने के बजाय केवल ‘कलेक्शन’ में दिलचस्पी दिखा रहा है। यातायात विभाग के इस लापरवाह और भ्रष्ट रवैये ने पूरे महकमे का नाम मिट्टी में मिला दिया है।
इस पूरे गोरखधंधे और भ्रष्टाचार का केंद्र बिंदु बना हुआ है शहर का गांधी चौक। नियम के मुताबिक, सुबह 8 बजे के बाद यहाँ भारी और मालवाहक वाहनों की नो-एंट्री लागू हो जाती है। लेकिन प्रशासन की नाकामी देखिए कि बनारस रोड और एमजी रोड की तरफ से आने वाले बाहरी वाहन चालकों को सचेत करने के लिए यहाँ पर्याप्त सूचना बोर्ड या साइनबोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, गूगल मैप भी इस रास्ते को नेशनल हाईवे (NH) के रूप में दिखाता है, जिससे बाहरी राज्यों या जिलों से आने वाले अनजान ड्राइवर भ्रमित होकर शहर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं।
प्रशासन की इसी तकनीकी लापरवाही और अव्यवस्था को यहाँ तैनात कुछ यातायात कर्मियों ने अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि यातायात थाने में पदस्थ होमगार्ड नायक गणेश राम यादव किस तरह एक लाचार पिकअप चालक को घेरकर 500 रुपये ऐंठने पर अड़ा हुआ है। चालक गिड़गिड़ाते हुए 300 रुपये देने की मिन्नतें करता है, लेकिन खाकी की हनक में चूर यह जवान 500 रुपये से एक रुपया भी कम लेने को तैयार नहीं होता। हद तो तब हो जाती है जब वीडियो में जवान रौब झाड़ते हुए कहता है कि पुलिस किसी की चपरासी नहीं है जो दुकान ढूंढने में मदद करेगी। वह गाड़ी में बैठकर महज दुकान तक रास्ता दिखाने के एवज में भी 400 रुपये की घूस मांगता सुनाई दे रहा है। सुधरने का नाम नहीं ले रही अम्बिकापुर की यह चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था और खाकी की यह सरेआम गुंडागर्दी अब सीधे तौर पर उच्च अधिकारियों के दखल और कड़े एक्शन की मांग कर रही है।
इस मामले में सरगुजा पुलिस की ओर से बयान जारी किया गया है कि, “विगत दिनों सोशल मीडिया पर ट्रैफ़िक स्टाफ़ द्वारा अपशब्दों का प्रयोग करते हुए वायरल हो रही वीडियो की जाँच की गई, वीडियो नगर सेना के नायक की होने से उक्त कर्मचारी को नगर सेना कार्यालय अम्बिकापुर वापस कर दिया गया है। उक्त कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु सेनानी नगर सेना कार्यालय अम्बिकापुर सरगुजा को पत्राचार किया गया है।”
