– बालवीर सिंह ढिल्लो और अंकित सिसोदिया के नाम ऐप से गायब, शिकायतों के बाद प्रदेश कांग्रेस की कार्रवाई से सियासी हलचल तेज
जांजगीर-चांपा। यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में वोटिंग को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। पेड वर्करों के जरिए वोटिंग कराने और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों के बाद जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे दो प्रमुख प्रत्याशियों बलवीर सिंह ढिल्लो और अंकित सिसोदिया के नाम फिलहाल होल्ड कर दिए गए हैं। दोनों प्रत्याशियों के नाम यूथ कांग्रेस के चुनावी ऐप से हटाए जाने के बाद संगठन के भीतर खलबली मच गई है।
बताया जा रहा है कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर संगठन के नेताओं से शिकायत की थी। शिकायतों में बाहरी युवाओं और कथित पेड वर्करों के जरिए वोटिंग कराने, मतदाताओं को प्रभावित करने तथा चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायतों के बाद प्रदेश स्तर पर कार्रवाई होने से अब चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
लाखों खर्च कर मैदान में उतरे, अब टिकट ही होल्ड…
जिला अध्यक्ष बनने की दौड़ में दोनों प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने प्रचार से लेकर वोट जुटाने तक जमकर ताकत झोंकी है। लाखों रुपये खर्च होने की चर्चा के बीच अचानक नाम होल्ड होने से समर्थकों में बेचैनी बढ़ गई है। वहीं दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में क्षेत्रीय विधायक और प्रभावशाली नेता भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। ऐसे में यह मामला अब केवल यूथ कांग्रेस के चुनाव तक सीमित नहीं, बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी सियासत का अखाड़ा बनता नजर आ रहा है।
अब निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर सबकी नजर…
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों प्रत्याशियों को चुनाव की दौड़ से बाहर कर नए चेहरों को मैदान में उतारा जाएगा, या जांच के बाद दोनों को दोबारा पात्र घोषित कर दिया जाएगा? फिलहाल इसका फैसला निर्वाचन अधिकारी और संगठन के अगले आदेश पर निर्भर है।
दिलचस्प बात यह भी है कि अन्य जिले में भी शिकायत के बाद दो प्रत्याशियों के नाम होल्ड किए गए थे, लेकिन एक-दो दिन बाद उन्हें फिर से पात्र श्रेणी में शामिल कर दिया गया। ऐसे में जांजगीर-चांपा में भी अंतिम फैसला क्या होगा, इसे लेकर कार्यकर्ताओं की नजर अब संगठन और निर्वाचन अधिकारी के अगले कदम पर टिक गई है।
यूथ कांग्रेस चुनाव में अब मुकाबला सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि शिकायत, जांच और संगठनात्मक फैसले का भी बन गया है। दोनों प्रत्याशियों के नाम होल्ड होने के बाद कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आती दिख रही है। दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा हैं जिसके चलते यह चुनाव और भी विवादित बन गया. बलबीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर पैसे के बल पर वोटिंग करने का आरोप लगा था, तो वही अंकित सिसोदिया पर अकलतरा विधानसभा के अंदर किसी से वोटिंग नहीं करने की धमकी बलवीर सिंह ढिल्लों को मिली थी, जिसकी शिकायत पर ऊपर संगठन से की गई थी जिस पर संज्ञान लेते हुए संगठन ने बड़ी कार्यवाही की है.
